Inder Vashisth
Tuesday, 20 September 2011
किरण बेदी, आमोद कंठ का समाज कल्याण या अपना कल्याण ?
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समाज कल्याण या अपना कल्याण ,- जागों लोगों जागों -लोगों इन्हें भी पहचानों इंद्र वशिष्ठ सावधान: बेईमान नेताओं से ही नहीं अन्ना ...
3 comments:
Friday, 16 September 2011
अरविंद केजरीवाल का कारनामाः निजी हित बना जन हित
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इंद्र वशिष्ठ निजी हित को किस तरह जनहित का नाम दिया जा सकता है इसका अनूठा उदाहरण अरविंद केजरीवाल ने पेश किया है। अपने फायदे के लिए...
Wednesday, 20 July 2011
माफी मांगना कब सीखेगी पुलिस
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इंद्र वशिष्ठ भारतीय मूल के डाक्टर हनीफ को आतंकवादी मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफतार करने के लिए आस्ट्रेलिया सरकार ने उससे मा...
धर्म को बदनाम न करो या धर्म के नाम पर अधर्म न करो
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इंद्र वशिष्ठ एक तो वैसे ही दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में लोगों को रोजाना जाम का सामना करना पडता है। उस पर विभिन्न समुदायों के धार्मिक जुलूस...
नेताओं के लठैत बनी पुलिस
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इंद्र् वशिष्ठ रामलीला मैदान में आधी रात को शांतिपूर्ण तरीेके से अनशन करने वाले लोगों पर पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई किसी भी तरह से सही न...
आम आदमी के नही सत्ता के साथ पत्रकार
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इंद्र वशिष्ठ कांग्रेस मुख्यालय में जनार्दन द्विवेदी को जूता दिखाने के मामले मंे पुलिस; नेता और पत्रकारों की असलियत एक बार फिर उजागर हो गई।...
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