Sunday, 7 May 2023

जी बी पंत अस्पताल में शौचालयों पर ताले. मरीज-तीमारदार परेशान. एमसीडी के महिला शौचालयों पर ताले




जीबी पंत अस्पताल में शौचालयों पर ताले, मरीज, तीमारदार परेशान


इंद्र वशिष्ठ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में शौचालय बनवाने का अभियान चलाया हुआ है, लेकिन दूसरी ओर देश की राजधानी दिल्ली में ही सरकारी अस्पतालों/ इमारतों में शौचालयों पर ताले लगे रहते हैं.
दिल्ली सरकार के गोविन्द बल्लभ पंत अस्पताल (जीबी पंत) में मरीजों/ तीमारदारों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों के लिए शौचालयों की सुविधा उपलब्ध नहीं है. अस्पताल में शौचालयों तो बहुत है लेकिन लोग उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते. क्योंकि शौचालयों पर ताले लगे रहते हैं. 
प्रशासन की आंखें बंद-
अस्पताल में ए ब्लॉक में स्थित इमारत में सारे शौचालयों पर ताले लगे रहते है. क्या अस्पताल प्रशासन को यह सब नज़र नहीं आता है? 
ए ब्लॉक स्थित छह मंजिला इमारत में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रो इंट्रोलॉजी,पैथोलॉजी लैब, माइक्रबाइलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, एनेस्थिसियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो  सर्जरी और सीटीवीएस आदि विभाग है.
हरेक मंजिल पर पुरुष और महिला शौचालय तो बने हुए हैं. लेकिन सारे शौचालयों पर ताले लगे रहते है.सिर्फ भूतल का एक शौचालय  और पांचवीं मंजिल पर महिला शौचालय ही खुला मिला. छठी मंजिल पर शौचालय के रिनोवेशन का काम चल रहा था. जब लोगों के इस्तेमाल के लिए शौचालयों उपलब्ध नहीं है तो सरकारी धन की बर्बादी क्यों की जा रही है.
एमसीडी का निकम्मापन-
दूसरी ओर दिल्ली में एमसीडी द्वारा महिलाओं के लिए बनाए गए शौचालयों का महिलाएं ही इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं. शौचालयों पर ताले लगे रहते हैं जिससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.






Saturday, 6 May 2023

हेल्थ मिनिस्ट्री का अंडर सेक्रेटरी रिश्वत लेते गिरफ्तार : CBI


हेल्थ मिनिस्ट्री का अंडर सेक्रेटरी रिश्वत लेते गिरफ्तार : CBI


इंद्र वशिष्ठ
नई दिल्ली, सीबीआई ने स्वास्थ्य एवं  परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव को 1.5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है.

सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के अवर सचिव  सोनू कुमार के विरुद्ध शिकायत पर मामला दर्ज किया है.

आरोप है कि शिकायतकर्ता के मित्र का पुत्र (जो अमेरिका में रहता है) ने स्वास्थ्य मंत्रालय में स्टेटमेंट ऑफ नीड सर्टिफ़िकेट एवं उसी की मूल प्रति(हार्ड कॉपी) देने के लिए आवेदन किया था, सोनू कुमार अवर सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1.5 लाख रुपए की रिश्वत की माँग की.

शिकायतकर्ता ने उक्त प्रमाणपत्र का प्रिंटआउट संलग्न किया, जो उक्त अवर सचिव  द्वारा उसके मित्र को ई-मेल के माध्यम से भेजा गया था.

सीबीआई ने जाल बिछाया एवं आरोपी सोनू कुमार को शिकायतकर्ता (उसके मित्र का पैरोकर) से 1.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने तथा स्वीकार करने पर पकड़ा.
 आरोपी के परिसर में तलाशी ली गई. 


Wednesday, 3 May 2023

बाप-बेटा गिरफ्तार, 38 करोड़ रुपए बरामद:CBI


            राजेन्द्र कुमार गुप्ता

बाप-बेटा गिरफ्तार, 38 करोड़ रुपए बरामद:CBI

इंद्र वशिष्ठ

नई दिल्ली, सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक सरकारी उपक्रम के सेवानिवृत्त सीएमडी राजेन्द्र कुमार गुप्ता और उसके बेटे गौरव सिंघल को गिरफ्तार किया है. उनके ठिकानों से 38 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए हैं.

 सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि जल शाक्ति मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार के उपक्रम वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (डब्लूएपीसीएस) के पूर्व सीएमडी राजेन्द्र कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी रीमा सिंघल, बेटे गौरव सिंघल, पुत्रवधू कोमल सिंघल के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था.

आरोप है कि राजेन्द्र कुमार गुप्ता ने 1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2019 के दौरान आय के ज्ञात स्त्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित की. आरोपियों की अचल संपत्तियों में दिल्ली, गुरु ग्राम, पंचकूला, सोनीपत और चंडीगढ़ में फ्लैट, कमर्शियल संपत्ति और फार्म हाउस है.

सीबीआई ने 2 मई 2023 को आरोपियों के दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, सोनीपत और गाजियाबाद में 19 परिसरों पर को तलाशी ली. सीबीआई ने छापे में 38.38 करोड़ रुपए नकद, आभूषण, मूल्यवान वस्तुएं, एफडी, बैंक लॉकर की चाबियां और अन्य दस्तावेज आदि बरामद किए.
राजेन्द्र कुमार गुप्ता ने रिटायरमेंट के बाद कंसल्टेंसी का कारोबार शुरू किया है.







Tuesday, 2 May 2023

सीबीआई ने सेवानिवृत्त अफसर के ठिकानों से 20 करोड़ रुपए बरामद किए


     सीबीआई ने 20 करोड़ रुपए बरामद किए


इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने एक सेवानिवृत्त सरकारी अफसर के ठिकानों से 20 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं.
सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि जल शाक्ति मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार के उपक्रम वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड के पूर्व सीएमडी राजेन्द्र कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी रीमा सिंघल, बेटे गौरव सिंघल, पुत्रवधू कोमल सिंघल के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था.

आरोप है कि राजेन्द्र कुमार गुप्ता ने 1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2019 के दौरान आय के ज्ञात स्त्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित की.
अचल संपत्तियों में दिल्ली, गुरु ग्राम, पंचकूला, सोनीपत और चंडीगढ़ में फ्लैट, कमर्शियल संपत्ति और फार्म हाउस है.

सीबीआई ने मंगलवार को आरोपियों के दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, सोनीपत और गाजियाबाद में 19 परिसरों पर को तलाशी ली. सीबीआई ने छापे में 20 करोड़ रुपए नकद, आभूषण, मूल्यवान वस्तुएं और दस्तावेज आदि बरामद किए.राजेन्द्र कुमार गुप्ता ने रिटायरमेंट के बाद कंसल्टेंसी का कारोबार शुरू किया.


Monday, 1 May 2023

दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नरेंद्र पहलवान को ढूंढ रही है सीबीआई, रिश्वत लेते हुए एएसआई गिरफ्तार. कमिश्नर संजय अरोरा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाओ

कमिश्नर संजय अरोरा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाओ

 इंस्पेक्टर नरेंद्र पहलवान को ढूंढ रही है सीबीआई



इंद्र वशिष्ठ
दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है.
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एएसआई त्रिलोचन दत्त को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. इस मामले में इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार उर्फ नरेंद्र पहलवान की तलाश की जा रही है.

सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि पश्चिम जिला के स्पेशल स्टाफ़ में तैनात इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार उर्फ नरेंद्र पहलवान और अन्य के ख़िलाफ़ 29 अप्रैल को रिश्वतखोरी, 
आपराधिक साज़िश (धारा 120 बी) और  भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया .
50 हजार रुपए दो-
इंद्र पुरी जे जे कालोनी निवासी विक्की उर्फ परमीत सिंह ने 28 अप्रैल को सीबीआई को दी अपनी शिकायत में कहा कि कुछ दिन पहले उसके घर के सामने झुग्गी में सट्टा खेलने वाले कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था.पुलिस ने उसे बुलाया और झुग्गी के मालिक के बारे में पूछताछ की. 
विक्की का आरोप है कि स्पेशल स्टाफ़ के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने उससे कहा कि तुम पचास हजार रुपए हमें दे दो और झुग्गी का एग्रीमेंट अपने नाम से बनवा लो. अगर तुमने ऐसा नहीं किया, तो तुम्हारे ऊपर हथियार कानून या मकोका लगा दूंगा.
सीबीआई ने आरोपों को सत्यापित करने के लिए विक्की को इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार के पास स्पेशल स्टाफ़ के दफ्तर , टैगोर गार्डन( थाना राजौरी गार्डन ) भेजा.
तड़ीपार -
अनेक आपराधिक मामलों में शामिल विक्की ने इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार से अपने शराब के मुकदमे, दिल्ली आउट/ तड़ीपार, झुग्गी और रिश्वत की रकम के बारे में बातचीत की. 
इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने विक्की को दिल्ली आउट और झुग्गी के मामले में मदद करने का भरोसा दिया.
पांच हज़ार कम दे देना-
रिश्वत की रकम के बारे में इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने उससे कहा कि 'पांच हज़ार कम दे देना'.
रंगे हाथों गिरफ्तार-
सीबीआई ने इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार की ओर से रिश्वत के 45 हजार रुपए लेते हुए स्पेशल स्टाफ़, टैगोर गार्डन में तैनात एएसआई त्रिलोचन दत्त को रंगे हाथों पकड़ लिया.
सीबीआई द्वारा इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार और एएसआई त्रिलोचन दत्त के घरों की तलाशी ली गई .
सीबीआई सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार भागा हुआ है उसकी तलाश की जा रही है.
सस्पेंड-
पश्चिम क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि पश्चिम जिले के स्पेशल स्टाफ़ में तैनात इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार और एएसआई त्रिलोचन दत्त को 30 अप्रैल 2023 को सस्पेंड कर दिया गया है.

भ्रष्टाचार का बोलबाला-

महिला एएसआई ने साढ़े सात लाख रुपए रिश्वत मांगी  -
सीबीआई ने 27 अप्रैल 23 को  बवाना में साइबर क्राइम थाने में तैनात एएसआई सीमा देवी और हवलदार जसबीर सिंह को एक लाख रुपए लेते गिरफ्तार किया.इन पुलिस वालों ने साढ़े सात लाख रुपए रिश्वत मांगी थी.
तीस लाख रुपए रिश्वत मांगी -
सीबीआई ने 13 अप्रैल 2023 को अपराध शाखा की नारकोटिक्स ब्रांच में तैनात
 एएसआई रुपेश और बिचौलिए अनुराग को दस लाख रुपए लेते हुए  रंगे हाथों गिरफ्तार किया. पुलिसवालों ने तीस लाख रुपए रिश्वत मांगी थी, बारह लाख रुपए वह ले भी चुके थे.
"दस किलो सूजी" यानी 10 लाख-
 पैसे की मांग कोड वर्ड में "दस किलो सूजी" यानी 10 लाख रुपये के लिए की गई थी.



Thursday, 27 April 2023

दिल्ली पुलिस की ASI और हवलदार गिरफ्तार, मामला दबाने के 7.5 लाख रुपए मांगे. रिश्वत लेने में भी पुरुष पुलिसकर्मियों से कम नहीं हैं

दिल्ली पुलिस की महिला ASI और हवलदार को एक लाख रुपए लेते हुए गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस यानी दिल की पुलिस की महिला कर्मी/अफसर भी दिल खोल कर रिश्वत लेने में पुरुष कर्मियों/ अफसरों से किसी भी तरह कम नहीं हैं.
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस की एक एएसआई को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. यह महिला एएसआई बवाना में साइबर क्राइम थाने में तैनात है.
इस मामले में हवलदार जसबीर सिंह को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है 
7.5 लाख मांगे-
सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि बवाना, साइबर क्राइम थाने में तैनात एएसआई सीमा देवी के ख़िलाफ़ शिकायकर्ता से साढ़े सात लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया. 
एएसआई सीमा ने शिकायकर्ता महिला से उसके पति के ख़िलाफ़ दर्ज मामले को दबाने/ रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगी थी

 गुजरात में सूरत निवासी रुपाली पौनिकर ने 26 अप्रैल को सीबीआई में शिकायत की थी.
एएसआई सीमा और हवलदार जसबीर की टीम 13 अप्रैल को रुपाली के घर गई. उसके पति विक्की को ठगी/फ्राड के मामले में शामिल बताया. पुलिस रुपाली के पति विक्की और भाई कुलदीप को उठा ले गई. रुपाली का आरोप है कि हवलदार जसबीर ने डरा धमका कर उससे 19 अप्रैल को एक रुपये रिश्वत ली. 20 अप्रैल को हवलदार जसबीर ने होटल के किराए के नाम पर उससे 25 हजार रुपए लिए. 
रुपाली का आरोप है कि उसके पति और भाई को छोड़ने के एवज़ में शिकायकर्ता को देने के बहाने से उससे 7.5 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई. किसी भी शिकायकर्ता से उन्हें नहीं मिलवाया.
एएसआई सीमा ने शिकायकर्ता महिला से उसके पति के ख़िलाफ़ दर्ज मामले को दबाने/ रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगी थी.सीबीआई ने मामला दर्ज कर आरोपों को सत्यापित किया.
एक लाख लेते पकड़ी-
 सीबीआई ने आज जाल बिछाया और एएसआई सीमा देवी  और हवलदार जसबीर सिंह को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए  लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.



दस लाख लेते गिरफ्तार-
सीबीआई ने 13 अप्रैल को दरिया गंज में अपराध शाखा के नारकोटिक्स ब्रांच के दफ़्तर में दस लाख रुपए रिश्वत लेते हुए एएसआई रुपेश और बिचौलिए अनुराग को गिरफ्तार किया था.




पूरी खबर नीचे पढ़े-

एसीपी की नाक के नीचे 30 लाख की उगाही, 
एएसआई गिरफ्तार, 
पुलिस को सूजी दो, केस का हलवा बनवा लो, 
नशा तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई न करने वाला एसीपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में.



इंद्र वशिष्ठ
दिल्ली पुलिस वाकई 'दिल की पुलिस' बन गई है.  अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ ही उन्हें सज़ा से बचाने के लिए मदद/राहत की सुविधा/ पैकेज भी दे रही है. 
लेकिन यह सुविधा मुफ़्त में नहीं मिलती. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अपराधियों को अच्छी खासी कीमत चुकानी पड़ती है. 

ऐसे में पुलिस द्वारा अपराधियों को गिरफ्तार करना महज़ खानापूर्ति/ दिखावा सा लगता है. 

अफसरों की भूमिका-
आईपीएस अफसर अपराधी की गिरफ्तारी पर मीडिया में प्रचार कर अपना कर्तव्य पूर्ण हुआ मान लेते है.
इसके बाद अपराधी अगर बरी हो जाए तो ठीकरा न्याय व्यवस्था/अदालत पर फोड़ दिया जाता है. 
बरी का इंतजाम-
आईपीएस अफसर शायद कभी यह जानने की जेहमत ही नहीं उठाते, कि कोर्ट में मुकदमा शुरू होने से पहले ही उनके मातहत पुलिसकर्मियों द्वारा ही अपराधी को बरी कराने का खुद ही इंतजाम कर दिया जाता है.
नशे के सौदागर से सांठगांठ-
अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस खुद किस तरह अपराधी से सांठगांठ कर  अपराध करती है. इसका ताजा उदाहरण पेश है. सीबीआई ने नारकोटिक्स ब्रांच में तैनात एएसआई रुपेश को तीस लाख रुपए की रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है. सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि एएसआई रुपेश और बिचौलिए अनुराग को दस लाख रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया गया है.
एसीपी की नाक के नीचे-
इस मामले ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगा दिया है.दरिया गंज स्थित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के इस दफ़्तर में ही एसीपी अनिल शर्मा और प्रभात सिन्हा भी बैठते  हैं.एएसआई रुपेश एसीपी अनिल शर्मा की टीम में है. यानी एसीपी की नाक के नीचे ही एएसआई रुपेश ने रिश्वत ली.
क्या एएसआई अकेला तीस लाख रुपए रिश्वत ले सकता है? किसी को गिरफ्तार करने या न करने का निर्णय  जांच अफसर/ आईओ भी  वरिष्ठ अफसरों से सलाह मशवरा किए बिना नहीं लेता है. 
नशे की सौदागर -
रघुवीर नगर निवासी अनिल कुमार ने 12 अप्रैल सीबीआई में शिकायत की थी. अनिल के साले रवि मलिक की पत्नी निशा को दरिया गंज स्थित अपराध शाखा की नारकोटिक्स ब्रांच ने 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. रवि मलिक को भी पुलिस अपने साथ ले गई. पुलिस ने बिचौलिए अनुराग निवासी मंगोल पुरी के माध्यम से तीस लाख रुपए रिश्वत की मांग की. 
गिरफ्तार नहीं करेंगे-
इस मामले में रवि मलिक और उसके परिवार के सदस्यों( शिकायतकर्ता समेत) किसी को भी गिरफ्तार न करने और निशा की केस में मदद करने की एवज़ में रिश्वत की मांग की गई. 
रवि की मां रानी देवी ने बिचौलिए अनुराग के माध्यम से 12 लाख रुपए एएसआई रुपेश को दे दिए. जिसके बाद रवि मलिक को पुलिस ने छोड़ दिया.बिचौलिए अनुराग ने बाकी के 18 लाख रुपए 12 अप्रैल को देने के लिए कहा. 
दस किलो सूजी यानी दस लाख रुपए-
शिकायतकर्ता ने बताया कि पैसे की मांग कोड वर्ड में "दस किलो सूजी" यानी 10 लाख रुपये के लिए की गई थी.सीबीआई ने  आरोपों को सत्यापित कर मामला दर्ज किया.इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया.सीबीआई ने 13 अप्रैल को देर रात में दरिया गंज में नारकोटिक्स ब्रांच के दफ़्तर में दस लाख रुपए रिश्वत लेते हुए एएसआई रुपेश और बिचौलिए अनुराग को गिरफ्तार किया.

कमिश्नर संजय अरोरा, एसीपी की कुंडली तो खंगाल लेते - 
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स  में कैसे कैसे अफसरों को तैनात किया गया है. इसका नमूना एसीपी अनिल शर्मा है.  नशे के सौदागरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए एसीपी अनिल शर्मा जैसे अफसर को तैनात करना  पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा और आईपीएस अफसरों की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगाता है.
पश्चिम जिला पुलिस के सतर्कता विभाग के तत्कालीन एसीपी ने साल 2021 में जांच में पाया था कि राजौरी गार्डन थाने के तत्कालीन एसएचओ अनिल कुमार शर्मा इलाके में अवैध शराब की बिक्री और जुए जैसे अपराध को रोकने में पूरी तरह विफल है। यह सब गैरकानूनी गतिविधियां पुलिसकर्मियों की जानकारी में है और पुलिस की अपराधियों से मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है.  
 तत्कालीन डीसीपी उर्विजा गोयल ने इसे घोर लापरवाही माना. 20 सितंबर 2021 को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने राजौरी गार्डन एसएचओ अनिल शर्मा को हटा दिया था. इंस्पेक्टर से एसीपी बने इन्ही अनिल शर्मा के कंधों पर नशे के कारोबार को बंद कराने की जिम्मेदारी देना आश्चर्यजनक है.
एसीपी ने 15 लाख मांगे-
 सीबीआई ने 31अगस्त 2022 को बाहरी उत्तरी जिले  के ही बवाना थाना स्थित नारकोटिक्स शाखा में तैनात एसीपी बृज पाल  के खिलाफ नशे के सौदागर से 15 लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था.इस मामले में एएसआई दुष्यंत गौतम को सात लाख 89 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था. एनडीपीएस  के मामले में शिकायतकर्ता की पत्नी को राहत देने के लिए एसीपी ने एएसआई के जरिए 15 लाख रुपए की मांग की थी. 
सूजी दो,हलवा खाओ-
इन मामलों से पता चलता है कि पुलिस सूजी यानी रिश्वत लेकर केस का हलवा बना कर अपराधी को बरी करा देती है.

(लेखक इंद्र वशिष्ठ दिल्ली में 1990 से पत्रकारिता कर रहे हैं। दैनिक भास्कर में विशेष संवाददाता और सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।)










गैंडे के शिकार मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार: सीबीआई


गैंडे के शिकार मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार: सीबीआई

इंद्र वशिष्ठ

सीबीआई ने गैंडे के अवैध शिकार मामले में  फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है. निरंतर प्रयासों के पश्चात, सीबीआई ने ल्होमीठी गांव, दीमापुर (नागालैंड) में आरोपी रायडांग इंगति का पता लगाया.


सीबीआई ने असम सरकार के अनुरोध एवं इसके पश्चात भारत सरकार की अधिसूचना के आधार पर मामला दर्ज किया था और शुरू में  रोंगमोंगवे पुलिस स्टेशन, जिला कार्बी आंगलोंग (असम) में दर्ज प्राथमिकी संख्या 5/2012,  दिनांक 03.07.2012 की जांच को अपने हाथों में लिया.
शिकायत में यह आरोप लगाया है कि दिनाँक 01.07.2012 को अज्ञात शिकारियों द्वारा एक गैंडे को मार दिया गया एवं सींग बेच दिया गया. गैंडे का शव लोंग कोई टिस्सो गांव के दो नंबर सुबरी के मध्य स्थित होला में पड़ा मिला था.
जांच के दौरान, यह पाया गया कि गैंडे को मारने के बाद, अन्य आरोपी ने दीमापुर (नागालैंड) से गिरफ्तार रायडांग को गैंडे का सींग बेच दिया. उक्त आरोपी की मिलीभगत उस व्यक्ति के रूप में सामने आई जिसके माध्यम से  गैंडे के सींग का अवैध व्यापार किया गया था और मोटी रकम का लेन-देन किया गया था.
जांच के पश्चात  31.03.2018 को 5 आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया गया. 
गैंडे के सींग की अवैध बिक्री एवं अवैध शिकार से मारे गए गैंडे के सींग को खरीदने के मामले में आरोपी रायडांग का नाम जांच के दौरान सामने आया था, उसे गिरफ्तार करने के संबंध में जांच जारी रखी गई थी.

गिरफ्तार आरोपी को सक्षम न्यायालय दीमापुर के समक्ष पेश किया गया.