Wednesday, 6 December 2023

दिल्ली में स्नैचिंग की वारदात कम हुई ?

दिल्ली में स्नैचिंग की वारदात कम हुई

इंद्र वशिष्ठ, 

दिल्ली वाले झपटमारी/स्नैचिंग के जमकर शिकार हो रहे हैं। लोग झपटमारों/लुटेरों के आतंक से त्रस्त है। लेकिन दिल्ली पुलिस का दावा है कि पिछले साल की तुलना में इस साल राजधानी में झपटमारी/ स्नैचिंग की वारदात कम हुई हैं।

आंकड़ों की बाजीगरी-
वैसे सच्चाई यह है कि पुलिस द्वारा दर्ज अपराध के आंकड़े हमेशा हकीकत से दूर ही होते हैं। पुलिस द्वारा आंकड़ों की बाजीगरी से अपराध कम दिखाने की परंपरा है। अपराध कम दिखाने के लिए लूट/स्नैचिंग के सभी मामलों को सही दर्ज न करना या हल्की धारा में दर्ज करने की परंपरा जारी है। 
राज्य सभा में आम आदमी पार्टी के दिल्ली से  सांसद सुशील कुमार गुप्ता ने दिल्ली की सड़कों पर झपटमारी की आम होती घटनाओं और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में तत्काल सुधार की आवश्यकता के बारे में सवाल पूछा। 

वारदात कम हुई-
राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस सवाल के‌ जवाब में बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा वर्ष 2023 (15 नवंबर तक) के दौरान स्नैचिंग के 6,958 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2022 की इसी अवधि में 7,498 मामले दर्ज किए गए थे। यह स्नैचिंग की वारदात में 7.20 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। 

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि
स्नैचिंग की वारदात को रोकने के लिए, दिल्ली पुलिस ने स्नैचिंग के हॉटस्पॉट की पहचान और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आदि जैसे उपाय शुरू किए हैं। दिल्ली पुलिस  कानून और व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखती है और इसमें सुधार के लिए कई ठोस उपाय किए हैं जैसे, अपराध वाले क्षेत्रों की पहचान, पिकेट, पैदल गश्त, पीसीआर वैन, आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) की तैनाती, पीसीआर कर्मचारियों और यातायात पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस द्वारा एकीकृत गश्त करना शामिल है। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।

दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्य, विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपराधियों की अंतर-राज्यीय आवाजाही से निपटने के लिए, आपराधिक खुफिया जानकारी और संदिग्ध आतंकवादियों/समर्थक/पनाहगाहों के ठिकानों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर अंतर-राज्य पुलिस अफसरों की समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के जिलों के पुलिस अफसरों के साथ जिला डीसीपी स्तर पर भी ऐसी समन्वय बैठकें आयोजित की जाती हैं।






Friday, 1 December 2023

देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति के कगार पर: गृहमंत्री अमित शाह

देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति के कगार पर: गृहमंत्री अमित शाह


इंद्र वशिष्ठ, 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 
देश वामपंथी उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त होने के कगार पर है। 
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 59 वें स्थापना दिवस पर हजारीबाग, झारखंड में आयोजित समारोह को शुक्रवार(1दिसंबर 2023) को गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। 
अंतिम प्रहार-
गृहमंत्री ने कहा कि देश भर में वामपंथी उग्रवाद की समस्या पर हमारी जो लड़ाई चल रही है, उसकी हाल ही में समीक्षा की गई। हम कगार पर हैं और वह दिन दूर नहीं, जब देश वामपंथी उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त हो जाएगा।
सिमटते जा रहे वामपंथी उग्रवाद पर अंतिम प्रहार के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी नए जोश और हौसले के साथ  तैयार हैं। 
कश्मीर में वर्चस्व-
गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद के क्षेत्र और पूर्वोत्तर, जो हॉटस्पॉट माने जाते थे उन हॉटस्पॉट में लड़ाई जीतने में हमने सफलता पाई है। कश्मीर में आज सुरक्षा बलों का संपूर्ण वर्चस्व स्थापित हुआ है। पूर्वोत्तर की स्थिति में भी बहुत सुधार हुआ है और वामपंथी उग्रवाद के सामने लड़ाई हम जीतने के कगार पर खड़े हैं। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 96 से घट कर 45 रह गई है। 
मादक पदार्थ तस्करी पर लगाम-
बीएसएफ ने पिछले पांच साल में तीस हजार किलो से ज्यादा मादक पदार्थ पकड़े हैं। 
गृहमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थ न केवल देश को नशे की दृष्टि से नुकसान पहुंचाता है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को खोखला करता है। मादक पदार्थ से उत्पन्न पैसा आतंकवाद का वित्तपोषण करता है। इसके अलावा बार्डर पर जो ट्रेड लिंक बनता है वो हथियारों की आवाजाही का भी काम करता है। तीनों दृष्टि से बहुत जरुरी है कि हमारी पूरी सीमा मादक पदार्थ के व्यापार के प्रति कठोर हो, जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए और बहुत संवेदनशील हो। बीएसएफ ने ये तीनों काम बहुत अच्छे तरीके से किए हैं। 
बाड़ सुरक्षा नहीं करती-
गृहमंत्री ने कहा कि सीमाओं पर लगी हुई बाड़ देश की सुरक्षा करती है, ऐसे मुगालते में मैं नहीं हूं। बाड़ सहायता करती है, वह सीमाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती। बीएसएफ का बहादुर जवान सीमा की सुरक्षा करता है। 
पाकिस्तान और बांग्लादेश की सबसे कठिन सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के पास है। पिछले दस साल में घुसपैठ और तस्करी को बढ़ावा देने वाले सीमा के छोटे छोटे छिद्रों/रास्तों को चिन्हित करके सीमा पर 560 किलोमीटर में बाड़ लगाई गई है। अब सिर्फ 60 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगना शेष हैं। अगले दो साल में बांग्लादेश, पाकिस्तान की पूरी सीमा बाड़ से सुरक्षित हो जाएगी। 
सीमा पर 1100 किलोमीटर में फ्लड लाइट लगाई गई है। 542 नए बार्डर आउट पोस्ट और 510 आब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। पहली बार हरामी नाला क्षेत्र में आब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। 637 सीमा चौकियों में बिजली कनेक्शन और 500 चौकियों में पानी कनेक्शन लगाए गए है। 472 चौकियों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं। जवानों की सहुलियत सुनिश्चित की गई है। सरकार की सीमा प्रबंधन नीति ने सीमा प्रहरियों के काम के बोझ को कम किया है। 
बीएसएफ ने 2500 से ज्यादा हथियार पकड़े, 99 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए। बीएसएफ आने वाले दिनों में 2300 किलोमीटर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कई प्रकार के तकनीकी समाधान के लिए भी आगे बढ़ रही है। 
जवान विकास की नींव-
गृहमंत्री ने कहा कि बीएसएफ ने दुश्मनों के नापाक इरादों को हमेशा विफल किया है।
देश की सीमाओं की रक्षा की प्रथम पंक्ति बीएसएफ है। बीएसएफ के भरोसे मैं आराम की नींद सोता हूँ। जिस देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होती, वो देश कभी विकसित और समृद्ध नहीं हो सकता। बीएसएफ के जवानों की तपस्या, बलिदान और शौर्य से देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। सीमाओं को सुरक्षित करने वाले बीएसएफ के जवान देश के विकास की नींव हैं। 
 सर्वोच्च बलिदान-
अमित शाह ने कहा कि जीवनपर्यन्त कर्तव्य बीएसएफ का सिर्फ घोषवाक्य नहीं है बल्कि आज तक 1900 से अधिक सीमा प्रहरियों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर इस वाक्य को चरितार्थ भी किया है। 
लाखों सीमा प्रहरियों ने अपने जीवन का स्वर्णिम काल कठिनतम परिस्थितियों में परिवार से दूर रहकर बिताया है। देश की सीमाओं की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति के रूप में बीएसएफ ने जिस तरह से देश की दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा की है, उससे पूरा देश सीमा सुरक्षा बल के इन वीर जवानों पर गर्व करता है।
मुस्तैद-
गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाके, पूर्वोत्तर के पहाड़, गुजरात और राजस्थान के रेगिस्तान हों, गुजरात का दलदली इलाका हो या फिर सुंदरवन और झारखंड के घने जंगल हों, बीएसएफ ने हमेशा मुस्तैद रहते हुए दुश्मन के नापाक इरादों को विफल किया है। सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेवा और वीरता के नए मानांक स्थापित किए हैं। 






Wednesday, 22 November 2023

अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमलों के मामलों में पंजाब, हरियाणा में छापेमारी: एनआईए


अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमलों के मामले में पंजाब, हरियाणा में छापेमारी: एनआईए



इंद्र वशिष्ठ, 
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास पर हुए हमलों की जांच के सिलसिले में बुधवार को पंजाब और हरियाणा में 14 स्थानों पर छापेमारी की।
19 मार्च, 2023 और 2 जुलाई, 2023 को  दूतावास पर हमलों के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करने के लिए एनआईए द्वारा छापे मारे गए। 
19 मार्च 2023 को सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास पर खालिस्तानी हमलावरों के एक समूह ने हमला किया, जिन्होंने आपराधिक अतिक्रमण/ जबरन घुसना , संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों पर हमला किया। 
इस हमले से पहले इसी दिन कुछ हमलावरों ने सुबह-सुबह वाणिज्य दूतावास की इमारत पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगाने का प्रयास किया था। इसके बाद 2 जुलाई को आधी रात को खालिस्तानी समर्थकों ने वाणिज्य दूतावास की इमारत में आग लगा दी। आग पर जल्द काबू पा लिया गया था।
एनआईए इन हमलों में शामिल हमलावरों और उनके सहयोगियों की पहचान करने, उन पर मुकदमा चलाने और ऐसे भारत विरोधी तत्वों को एक कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से मामले की जांच कर रही है। 
एनआईए की एक टीम ने जांच के सिलसिले में अगस्त 2023 में सैन फ्रांसिस्को का दौरा किया था। आगजनी और बर्बरता के हिंसक कृत्यों की इन घटनाओं से वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों और समुदाय के बीच डर पैदा हो गया।
एनआईए ने जांच के दौरान इन हिंसक घटनाओं में शामिल अमेरिका-आधारित संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान करने और उनके बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए लोगों से जानकारी जुटाई है।  एनआईए ने पहले ही कुछ ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर ली है जो बार-बार हुए हमलों के पीछे की साजिश का हिस्सा थे। इनमें हमलावर और उनके कई सहयोगी शामिल हैं, जो भारतीय और विदेशी नागरिक दोनों हैं।
एनआईए ने बुधवार को पंजाब के मोगा, जालंधर, लुधियाना, गुरदासपुर, मोहाली और पटियाला और हरियाणा के कुरूक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अन्य आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ-साथ आरोपी व्यक्तियों से संबंधित जानकारी वाले डिजिटल डेटा को जब्त कर लिया गया।

सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के 8 जुलाई से विदेश में बने भारतीय दूतावासों को घेरने के ऐलान के अगले ही दिन भारतीय दूतावास को खालिस्तानी समर्थकों ने निशाना बनाया। खालिस्तान समर्थकों द्वारा इसे जून में कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला बताया गया।

Monday, 20 November 2023

एअर इंडिया को धमकी देने वाले आतंकी पन्नू के ख़िलाफ़ मामला दर्ज: एनआईए



एअर इंडिया को धमकी देने वाले आतंकी पन्नू के ख़िलाफ़ मामला दर्ज: एनआईए



इंद्र वशिष्ठ, 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एअर इंडिया से उड़ान भरने वाले यात्रियों और एअर इंडिया एयरलाइन्स को धमकी देने के मामले में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि भारत में 'परिवहन क्षेत्र' को निशाना बनाने  और बाधित करने के प्रयासों के लिए  एसएफजे और पन्नू के ख़िलाफ़ आईपीसी और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गैरकानूनी संगठन  सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के स्वघोषित जनरल काउंसल पन्नू ने 4 नवंबर को जारी अपने वीडियो में सिखों से  19 नवंबर और उसके बाद एअर इंडिया के विमानों से उड़ान न भरने का आग्रह किया था। दावा किया गया है कि अगर वे एअर इंडिया से उड़ान भरेंगे तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। पन्नू ने यह भी धमकी दी कि एअर इंडिया को दुनिया में परिचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पन्नू के दावों और धमकियों के बाद कनाडा, भारत और कुछ अन्य देशों में जहां एयर इंडिया उड़ान भरती है, सुरक्षा बलों द्वारा हाई अलर्ट के साथ-साथ जांच शुरू कर दी गई है।

भारत में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने और आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने की अपनी योजना के तहत पन्नू यह सब कर रहा है। 

एनआईए ने बताया कि पन्नू देश में सिखों और अन्य समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देकर पंजाब के मुद्दों, खासतौर पर सिख धर्म के संबंध में झूठी कहानी बना रहा था।  ताजा खतरा उसी कहानी के मुताबिक है, जिसके आधार पर पन्नू ने पूर्व में धमकियां दी थीं। इनमें उसने रेलवे सहित जरूरी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क सिस्टम के साथ-साथ भारत में थर्मल पावर प्लांट्स को धमकियां दी थी।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 10 जुलाई 2019 को एसएफजे को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक 'गैरकानूनी संघ' के रूप में प्रतिबंधित कर दिया था। 1 जुलाई 2020 को, पन्नु को एक व्यक्तिगत आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। पन्नू 2019 से एनआईए की नजर में है, जब आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने उसके खिलाफ अपना पहला मामला दर्ज किया था। सितम्बर 2023 में एनआईए ने अमृतसर (पंजाब) और चंडीगढ़  में पन्नू  के घर और जमीन में से उसके हिस्से को जब्त किया था।
3 फरवरी 2021 को एनआईए स्पेशल कोर्ट ने पन्नू के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया था। पन्नू को 29 नवंबर 2022 को घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया गया।


वेरका डेयरी का डिप्टी मैनेजर, मेरठ छावनी का सेनेटरी इंस्पेक्टर, नौसेना का नाविक गिरफ्तार: सीबीआई


वेरका डेयरी का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार: सीबीआई


इंद्र वशिष्ठ, 

सीबीआई ने रिश्वतखोरी के तीन अलग-अलग मामलों में वेरका डेयरी प्लांट के डिप्टी मैनेजर, छावनी बोर्ड के सेनेटरी इंस्पेक्टर और नौसेना के नाविक  को गिरफ्तार किया है। 

सीबीआई  ने वेरका डेयरी प्लांट, मोहाली (पंजाब) के उप प्रबंधक (उत्पादन) अशीम कुमार सेन को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। 
 शिकायतकर्ता अपनी पत्नी के नाम पर चंडीगढ़ में एक फर्म चलाता है। इस फर्म को वेरका प्लांट (मिल्कफेड), मोहाली को कर्मियों/जनशक्ति की आपूर्ति व सुरक्षा प्रदान करने का ठेका दिया गया था। आरोप है  कि उप प्रबंधक (उत्पादन) अशीम कुमार सेन  शिकायतकर्ता को परेशान कर रहा था और अनुबंध रद्द करने की धमकी दे रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोपी उप प्रबंधक अशीम कुमार सेन से मुलाकात की, जिसके दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अगले 4-5 महीनों के लिए 15000 रुपये प्रति माह की दर से रिश्वत की मांग की। परस्पर बातचीत के पश्चात आरोपी 30 हजार रुपये स्वीकार करने पर राजी हो गया। सीबीआई ने जाल बिछाया और अशीम कुमार सेन को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। 
सेनेटरी इंस्पेक्टर गिरफ्तार-
एक अन्य मामले में, सीबीआई ने छावनी बोर्ड, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के सफाई निरीक्षक योगेश यादव को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये  रिश्वत लेते हुए  गिरफ्तार किया। 
सीबीआई ने एक शिकायत के आधार पर छावनी बोर्ड, मेरठ के दो सफाई निरीक्षकों के विरुद्ध मामला दर्ज किया, जिसमें छावनी बोर्ड, मेरठ में शिकायतकर्ता की तीन दुकानों के पुनर्निर्माण जारी रखने  की अनुमति देने हेतु उनसे  25 हजार रुपये की रिश्वत की माँग का आरोप है। सीबीआई ने जाल बिछाया एवं  सफाई निरीक्षक योगेश यादव को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। दोनों आरोपियों के परिसरों पर तलाशी ली गई।
नाविक गिरफ्तार-
सीबीआई ने एक अन्य मामले में कोलाबा, मुंबई में भारतीय नौसेना अस्पताल स्टेशन (अश्विन अस्पताल) में तैनात नाविक (मेडिकल) संजू अरलीकट्टी को रिश्वतखोरी में गिरफ्तार किया है। नाविक संजू अरलीकट्टी ने शिकायतकर्ता/ अभ्यार्थी से उसकी मेडिकल जांच की सकारात्मक मेडिकल रिपोर्ट के लिए तीस हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने फोनपे  के माध्यम से नाविक संजू के बैंक खाते में पांच हज़ार रुपये आंशिक रिश्वत भेज भी दी।
सीबीआई ने नाविक संजू और अन्य अज्ञात लोक सेवकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। आरोप था नाविक संजू अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच में  सकारात्मक मेडिकल रिपोर्ट के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। लिखित और शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए सेना अभ्यर्थियों/ उम्मीदवारों की मेडिकल जांच उक्त अस्पताल में चल रही थी।






       

Monday, 13 November 2023

दिल्ली पुलिस के सब- इंस्पेक्टर ने 25 लाख मांगे, 4.5 लाख लेते SI गिरफ्तार। बाराखंबा रोड थाने में सतर्कता विभाग के अफसरों की नाक के नीचे रिश्वतखोरी, कमिश्नर संजय अरोरा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाओ

कमिश्नर संजय अरोरा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाओ। 



इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस में रिश्वतखोरी का सिलसिला थम नहीं रहा है। पुलिस के सतर्कता विभाग/ मुख्यालय के अफसरों की नाक के नीचे  बाराखंबा रोड थाने में ही बेखौफ रिश्वत वसूली जा रही है। बाराखंबा रोड थाने की इमारत की ऊपरी मंजिल पर ही सतर्कता विभाग की स्पेशल कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अफसर बैठते हैं।

सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के बाराखंबा रोड थाने के सब- इंस्पेक्टर राजेश यादव को साढ़े चार लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। सब-इंस्पेक्टर राजेश यादव को उसके साथी सब- इंस्पेक्टर वरुण चीची ने रिश्वत लेने भेजा था। 
बाराखंबा रोड थाने में ही क्षेत्र के एसीपी का भी दफ़्तर है।
 इस मामले से एसएचओ और एसीपी की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गया है। 
25 लाख मांगे-
सीबीआई के अनुसार एक शिकायत के आधार पर नई दिल्ली जिला के बाराखंबा रोड थाना  के  सब- इंस्पेक्टर वरुण चीची के विरुद्ध 13 नवंबर को मामला दर्ज किया गया, जिसमें 25 लाख रुपये की रिश्वत की माँग का आरोप है। 
आरोप है कि शिकायतकर्ता मनोज निजी कंपनी पर्ल ग्रुप में काम करता है, जिसका प्रबंध निदेशक निर्मल सिंह भंगू बाराखंबा रोड थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 16/2018 में आरोपी है।
बेटी- दामाद को बंद करने की धमकी-
आरोप है कि 10-12 दिन पहले जब दिल्ली की तिहाड़ जेल से पुलिस रिमांड पर लाए गए निर्मल सिंह भंगू  को शिकायतकर्ता दवाईयां देने के लिए बाराखंबा रोड थाने पहुंचा, तो  सब- इंस्पेक्टर वरुण चीची ने भंगू की की बेटी बरिंदर कौर  और दामाद हरसतिंदर पाल सिंहको उक्त प्राथमिकी में गिरफ्तार न करने और इस मामले में न फंसाने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता मनोज के अनुसार उसने सब- इंस्पेक्टर वरुण चीची की बात पर उस समय गौर नहीं किया। 
इसके बाद सब-इंस्पेक्टर वरुण ने 4 नवंबर को बरिंदर कौर और हरसतिंदर पाल को नोटिस भेज दिया। 
सब- इंस्पेक्टर वरुण ने शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप कॉल करके दबाव बनाया, पैसे न देने पर बरिंदर कौर और हरसतिंदर पाल को गिरफ्तार करने की धमकी दी। 
आरोप है कि  सब - इंस्पेक्टर वरुण चीची  शिकायतकर्ता से मांगे गए 25 लाख रुपये में से आंशिक भुगतान के तौर पर 5 लाख रुपये स्वीकार करने को सहमत हो गया।  

सीबीआई ने जाल बिछाया एवं बाराखंबा रोड थाने  के ही  सब- इंस्पेक्टर राजेश यादव को शिकायतकर्ता से साढ़े चार लाख रुपये की रिश्वत लेने के दौरान पकड़ लिया।  सब- इंस्पेक्टर राजेश यादव को रिश्वत की रकम लेने के लिए सब- इंस्पेक्टर वरुण चीची ने ही कहा था। एक ही बैच के ये दोनों सब- इंस्पेक्टर हरियाणा के निवासी हैं और थाने में एक ही कमरे में बैठते हैं। 
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार छानबीन में पता चला है कि सब- इंस्पेक्टर वरुण बहुत ही भ्रष्ट है।

सीबीआई द्वारा दोनों सब- इंस्पेक्टरों के परिसरों में तलाशी ली जा रही है।
निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ फ्लैट ना देने और 1.20  करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला साल 2018 में बाराखंबा रोड थाने में दर्ज किया था जिसमें आरोपी को गिरफ़्तार कर ये रिश्वत मांगी गई थी।
पीएसएल चिटफंड कंपनी / पर्ल ग्रुप का संस्थापक निर्मल सिंह भंगू लगभग 6 करोड़ निवेशकों से करीब पचास हज़ार करोड़ रुपये ठग लेने के आरोप में जेल में है। 

हवलदार गिरफ्तार-
सीबीआई के 28 अक्टूबर 2023 को दक्षिण जिले के मैदान गढ़ी थाने में तैनात हवलदार कमल कुमार को  शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता राम पाल मैदान गढ़ी गांव में अपनी बेटी के प्लॉट पर निर्माण कार्य करवा रहा था। निर्माण कार्य को बंद करवाने की धमकी दे कर हवलदार कमल कुमार ने दस हजार रुपये प्रति छत/लेंटर रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता हवलदार को 35 हज़ार रुपये पहले दे भी चुका है। 
एसीपी की नाक के नीचे रिश्वतखोरी-
 एक अन्य मामले में 24 अक्टूबर 2023 को उत्तरी जिला के डीसीपी मनोज कुमार मीना ने सब- इंस्पेक्टर विजय पाल को निलंबित और लाइन हाज़िर कर दिया। सीबीआई ने 20 अक्टूबर 2023 को एसीपी धर्मेंद्र कुमार (ऑपरेशन सेल) के दफ़्तर में तैनात सब- इंस्पेक्टर विजय पाल के ख़िलाफ़ बाप-बेटे को हथियार बनाने के मामले में फंसाने की धमकी दे कर 5 लाख रुपए मांगने का मामला दर्ज किया।


Friday, 10 November 2023

भारत-चीन सीमा पर परिंदा भी पर न मार पाए, देश की एक इंच भूमि भी कोई कब्जा नहीं कर सकता, कश्मीर में आतंकवाद पूर्णतया काबू : गृहमंत्री अमित शाह


भारत-चीन सीमा पर परिंदा भी पर न मार पाए, 

देश की एक इंच भूमि भी कोई कब्जा नहीं कर सकता, 
कश्मीर में आतंकवाद पूर्णतया काबू । 



इंद्र वशिष्ठ
केंद्र सरकार ने हवाई जहाज और रेल यात्रा में सेना की तर्ज़ पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए भी कोटा तय कर दिया है। 
भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 
62 वें स्थापना दिवस पर देहरादून में आयोजित समारोह को शुक्रवार, 10 अक्टूबर को गृहमंत्री अमित शाह ने संबोधित किया। 
जवानों के लिए खास भवन-
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हुई कई नई शुरुआतों में जवानों के लिए सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग बेहद खास है और दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन सेवा की शुरुआत महत्वपूर्ण है।
लद्दाख़ के जुरसूर में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर अत्याधुनिक तकनीक से बनी यह बैरक/इमारत ठंडे मरुस्थल में एक आत्म निर्भर भारत का प्रतीक बनेगी। जब यहां पर बाहर का तापमान शून्य से 40-45 डिग्री नीचे चला जाता है। डीज़ल, केरोसीन का इस्तेमाल नहीं हो पाता, ऐसे में यह भवन 18 से 19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित, आरामदायक  वातावरण उपलब्ध कराएगा। पैंतालीस दिन में बनी यह एक स्थाई भवन/ बैरक है जो स्वयं कार्य करने के लिए सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा और भूतापीय ऊर्जा का उपयोग करता है। 
ड्रोन सेवा शुरू-
ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्रों में आईटीबीपी जवानों और सीमावर्ती गांव वालों के लिए  जीवन रक्षक दवाओं , खाद्य सामग्री और अन्य जरुरी वस्तुओं आदि की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की शुरूआत शुक्रवार से हो गई। पहला ड्रोन 15 किलो दवाईयां/ सब्जियां लेकर दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचा। 
हिमवीरों की जिम्मेदारी-
गृहमंत्री ने कहा कि हिमालय सीमा क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी हिमवीरों की है। 19 हजार फीट तक की ऊंचाई तक, माइनस 45 डिग्री तक तापमान, कम ऑक्सीजन में पैदल जा कर जवान बखूबी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। जरुरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे न हटना आईटीबीपी की परंपरा रही है। 
कोई कब्जा नहीं कर सकता-
आईटीबीपी और सेना के जवान जब तक सीमा पर तैनात हैं तब तक देश की एक इंच भूमि को भी कोई कब्जा नहीं कर सकता। ऐसा इनका इतिहास रहा है। अब हिमवीरांगनाएं /बेटियां भी देश की सीमा की सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो रही हैं। 
परिंदा भी पर न मार पाए-
अमित शाह ने कहा कि भारत विश्व का नेतृत्व करे अमृत काल के दौरान ऐसे भारत को साल 2047 तक बनाना है। भारत- चीन सीमा किस तरह से ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित हो हिमवीर इसके लक्ष्य गढे। साल 2047 तक परिंदा भी पर न मार पाए, इस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था खड़ी करें।
 तीन गुना ज्यादा खर्च-
भारत- चीन सीमा पर अनेक प्रकार की दिक्कतें थी। साल 2014 से पहले भारत-चीन सीमा पर औसतन खर्च चार हज़ार करोड़ रुपये सालाना होता था। साल 2022-2023 में ये खर्च बढ़ कर तीन गुना (12340 करोड़ रुपये) हो गया। पिछले 9 साल में भारत-चीन सीमा पर औसतन खर्च तीन गुना सालाना बढ़ाया गया है। सीमा पर सड़क, सीमा चौकी , जवानों की सुविधा बनाने के लिए और गांवों को संपूर्ण सुविधा युक्त गांव बनाने के लिए औसतन खर्च तीन गुना सालाना बढ़ाया गया है। इससे हेलिपैड, सीमा चौकी, सड़क, दुर्गम क्षेत्रों में 350 से ज्यादा पुल, पुलिया आदि बनाने का काम किया है। 
आतंकवाद पर काबू-
गृहमंत्री ने कहा कि विगत 9 साल में देश की आतंरिक सुरक्षा की स्थिति में ढेर सारे बदलाव आए हैं। देश में तीन हॉटस्पॉट  कश्मीर, उत्तर पूर्व और वामपंथी उग्रवादी क्षेत्र माने जाते थे। धारा 370 हटाने के बाद अब कश्मीर में आतंकवाद को पूर्णतया काबू में लेने में भारत को सफलता मिली है। कश्मीर पुलिस भी ढंग से आतंकवाद का सामना कर रही है। सभी प्रकार के आंकड़ों में और मृत्यु के मामलों में भी 72 फीसदी की गिरावट आई है। उत्तर पूर्वी क्षेत्र में भी सफलता मिली है। वहां पर भी घटनाओं में और मृत्यु में 65 फीसदी की कमी हुई है। वामपंथी उग्रवाद में भी 80 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। देश की आंतरिक सुरक्षा का दृश्य बहुत मजबूत हो रहा है। 
गृहमंत्री ने कहा कि सीमा का विकास और सीमा पर सुविधाओं का विकास करे बिना देश कभी सुरक्षित नहीं रह सकता। 
गृहमंत्री ने जवानों से कहा कि आप देश की चिंता करिए, आप के परिवार की चिंता भारत सरकार करेगी। 
आईटीबीपी का इतिहास-
आईटीबीपी के हिमवीरों ने शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा के ध्येय वाक्य के साथ भारत की दुर्गम सीमाओं को सुरक्षित रखने का काम किया है। 62 साल पहले 7 वाहिनियों (बटालियन) के साथ शुरू हुआ आईटीबीपी आज एक लाख हिमवीरों, 60 वाहिनियों, 17 प्रशिक्षण केंद्रों, 16 सेक्टर, 5 फ्रंटियर और दो कमांड मुख्यालयों के साथ एक मजबूत बल के रूप में उभर कर आया है। 
सम्मान-
आईटीबीपी को शौर्य, दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है।  भारत की 7516 किलोमीटर लंबी तटीय और 15000 किलोमीटर से अधिक भूमि सीमा है।  भारत अपनी भूमि सीमा 7 देशों के साथ साझा करता है। हिमालयी क्षेत्र में सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी आईटीबीपी को दी गई है। आईटीबीपी ने 6 दशकों की अपनी अनवरत सेवा में 7 पदम श्री, 02 कीर्ति चक्र, 6 शौर्य चक्र, 19 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 14 तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर पदक और कई अन्य पदक आईटीबीपी ने प्राप्त किए हैं, जो इस बल के शौर्य और बलिदान के प्रतीक हैं।

आईटीबीपी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में 36 लाख से ज्यादा पौधे पिछले पांच साल में दुर्गम क्षेत्रों में लगाए हैं। 

(इंद्र वशिष्ठ दिल्ली में 1990 से पत्रकारिता कर रहे हैं। दैनिक भास्कर में विशेष संवाददाता और सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।)