Saturday, 16 August 2025

इस्कॉन टैंपल: डयूटी से गायब मिले 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड, (रोजनामचे में 28 सस्पेंड) , शाहबाद डेयरी थाने का मामला

     पुलिस कमिश्नर शशि भूषण कुमार सिंह


इस्कॉन टेंपल में डयूटी से गायब मिले 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड



इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस कमिश्नर शशि भूषण कुमार सिंह के आदेश पर उत्तरी बाहरी जिले के शाहबाद डेयरी थाने के एक इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। 
इन पुलिसकर्मियों की जन्माष्टमी पर सुरक्षा /कानून एवं व्यवस्था के लिए रोहिणी के इस्कॉन टेंपल में डयूटी लगाई गई थी। ये पुलिसकर्मी डयूटी से गायब मिले। 
कमिश्नर का दौरा-
पुलिस कमिश्नर शशि भूषण कुमार सिंह रोहिणी में रविवार को होने वाली प्रधानमंत्री की रैली की सुरक्षा व्यवस्था/ इंतजाम/बंदोबस्त/ तैयारियों की समीक्षा/निरीक्षण के सिलसिले में रैली स्थल पर गए थे।
पुलिसकर्मी गायब-
इसके बाद वह जन्माष्टमी पर मंदिरों की सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण करने इस्कॉन मंदिर चले गए। उन्हें वहां पर बहुत अव्यवस्था मिली। मंदिर में लोगों की काफी भीड़ थी, लेकिन पुलिसकर्मी तय डयूटी प्वाइंट से गायब मिले।
पता चला कि जितने पुलिसकर्मियों की डयूटी वहां पर लगाई गई थी उनमें से लगभग आधे पुलिस कर्मी वहां पर मौजूद ही नहीं थे। 
सस्पेंड करने का आदेश-
पुलिस कमिश्नर ने तत्काल उन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। 
उत्तरी बाहरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि शाहबाद डेयरी के एटीओ इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार समेत आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। 
रोजनामचे में 28 सस्पेंड-
लेकिन शाहबाद डेयरी थाने के रोजनामचे में थाने के एटीओ महेंद्र कुमार समेत 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की सूचना दर्ज की गई है। 
इस बारे में वरिष्ठ पुलिस अफसर का कहना है कि कम्युनिकेशन/ समझने में कमी/ गलतफहमी के कारण 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की सूचना दर्ज कर दी गई।
दरअसल जन्माष्टमी पर मंदिरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात 28 पुलिसकर्मियों की लोकेशन मांगी गई थी। लेकिन जांच के बाद डयूटी में लापरवाही बरतने वाले आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया। 
शाहबाद डेयरी के रोजनामचे में दर्ज 28 सस्पेंड पुलिसकर्मियों (एक इंस्पेक्टर, 5 सब- इंस्पेक्टर, 5 एएसआई, 11 हवलदार, 6 सिपाही) के नाम इस प्रकार हैं: हवलदार भंवर, हवलदार हितेंद्र, सब- इंस्पेक्टर राम सिंह, सिपाही विपिन, सब- इंस्पेक्टर तेज सिंह, हवलदार सुमन, सिपाही ललिता, सब- इंस्पेक्टर विकास, हवलदार कपिल/, सब- इंस्पेक्टर मोनिल, हवलदार सतीश, एएसआई रमेश, एएसआई देवेंद्र, हवलदार रवि त्यागी, हवलदार साक्षी, हवलदार जसवानी, सिपाही रवींद्र, हवलदार सुशील, सिपाही नीरज, सब- इंस्पेक्टर संगीता, एएसआई भूषण, एएसआई जयपाल, हवलदार आरती, सिपाही मनदीप, एएसआई सत्य प्रकाश, सिपाही मीनू, हवलदार मोहित, इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार एटीओ शाहबाद डेयरी को सस्पेंड किया।




Tuesday, 12 August 2025

CGHS का एडिशनल डायरेक्टर और ऑफिस सुपरिटेंडेंट गिरफ्तार अस्पतालों को पैनल से हटाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये रिश्वत मांगी



CGHS का एडिशनल डायरेक्टर और ऑफिस सुपरिटेंडेंट गिरफ्तार, अस्पतालों को पैनल से हटाने की धमकी देकर 50 लाख मांगे



इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने मेरठ में सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी और उनके निजी साथी रईस अहमद को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। 
50 लाख मांगे-
एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार ने दो निजी अस्पतालों को सीजीएचएस की सूची से हटा देने की धमकी दे कर 50 लाख रुपये रिश्वत मांगी। 
सीबीआई ने 12.08.2025 को मेरठ, उत्तर प्रदेश के एक निजी अस्पताल समूह के निदेशक संचालन विशाल सलोनिया की शिकायत पर मेरठ में तैनात सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता का मेडिकल ग्रुप मेरठ और उसके आसपास विभिन्न नामों से कई अस्पताल चलाता है। 
पैनल से हटाने की धमकी-
 शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 08.07.2025 को सीजीएचएस टीम, मेरठ द्वारा उसके दो अस्पतालों जेएमसी मेडिसिटी और हाई फील्ड अस्पताल का
 का औचक निरीक्षण किया गया और उसके बाद, अस्पतालों से रिश्वत वसूलने के इरादे से दोनों अस्पतालों को मामूली कमियों को उजागर करते हुए नोटिस दिए गए। आरोपियों ने अस्पतालों को सीजीएचएस पैनलबद्ध अस्पतालों की सूची से न हटाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
रिश्वत नहीं देने पर जेएमसी मेडिसिटी अस्पताल का पैनल निलंबित कर दिया। इसके बाद हाई फील्ड अस्पताल का भी पैनल निलंबित करने की धमकी दी।
एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी ने अस्पतालों को पैनल से हटाने से बचने के लिए जल्द से जल्द 50 लाख रुपये की रिश्वत राशि देने पर जोर दिया था। बातचीत के बाद,एडिशनल डायरेक्टर अजय कुमार 12.08.2025 को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत राशि की पहली किस्त) का आंशिक भुगतान स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया। 
रंगेहाथ गिरफ्तार-
सीबीआई ने जाल बिछाया और सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी और उनके निजी साथी रईस अहमद को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत की पहली किस्त) के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।









सीपीडब्ल्यूडी के दो इंजीनियर और ठेकेदार बाप-बेटा गिरफ्तार, 55 लाख बरामद, 8 इंजीनियरों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

सीपीडब्ल्यूडी के दो इंजीनियर और ठेकेदार बाप-बेटा गिरफ्तार


इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने सीपीडब्ल्यूडी की आर के पुरम सब-डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल) जय प्रकाश, चाणक्य पुरी सब-डिवीजन के असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) प्रभात चौरसिया, ठेकेदार शुभम गोयल और उसके पिता राजेश गोयल को रिश्वत के 6 लाख रुपये का लेन देन करते हुए गिरफ्तार किया।
 सीबीआई ने  8 इंजीनियरों समेत 12 आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। आरोपियों के यहां से तलाशी के दौरान लगभग 55 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

एफआईआर में नामजद आरोपियों के नाम : एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय प्रकाश, बाबू लाल मीणा ( जय प्रकाश से पहले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का अतिरिक्त प्रभार उसके पास था), सीपीडब्ल्यूडी के इंद्रप्रस्थ दफ़्तर में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कृष्ण गोपाल बंसल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मेहर सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर प्रभात चौरसिया, असिस्टेंट इंजीनियर दीपेंद्र चंद्र जयसवाल, जूनियर इंजीनियर अमित उपाध्याय, जूनियर इंजीनियर हर्ष अग्रवाल, विजय कांत शुक्ला (निजी व्यक्ति), शुभम गोयल और उसके पिता राजेश गोयल और उनकी कंपनी शुभम इलैक्ट्रिकल्स के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। 

सीबीआई को पता चला कि सीपीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ,असिस्टेंट इंजीनियर आदि सहित आरोपी अधिकारी निजी कंपनियों के निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर फर्म द्वारा प्रस्तुत बढ़े हुए बिलों के भुगतान के मामले में भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त हैं। 

आरोपी इंजीनियरों और ठेकेदारो की सांठगांठ से सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। इंजीनियरों की मिलीभगत से ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और वास्तविक लागत से ज्यादा के बिल क्लीयर कराए। 

सीबीआई को यह भी पता चला कि आरोपी निजी ठेकेदार 11.8.2025 को आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय प्रकाश को 6 लाख रुपये की रिश्वत देने वाला है, इसलिए जाल बिछाया गया और रिश्वत की रकम का लेन-देन करते समय दोनों को अवैध धन के साथ पकड़ लिया गया। मामले में आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर प्रभात चौरसिया के साथ एक अन्य निजी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।

Friday, 8 August 2025

शकूर पुर में खुलेआम शराब और सट्टा, SHO महेश कसाना लाइन हाज़िर, SHO को पहले सिर्फ फटकार लगा कर बख्शा गया


इंद्र वशिष्ठ, 
पुलिस की मिलीभगत/सांठगांठ के बिना शराब/ड्रग्स/सट्टे का धंधा हो ही नहीं सकता। इस बात की पुष्टि इस मामले से भी होती है। 

उत्तर पश्चिम जिले के सुभाष प्लेस थाने के एसएचओ महेश कसाना को लाइन हाज़िर किया गया है। शकूर पुर इलाके में खुलेआम अवैध शराब बिकने और सट्टा चलने के कारण एसएचओ महेश कसाना को थाने से हटा कर जिला पुलिस लाइन में भेज दिया गया।

एसएचओ महेश कसाना को इसके पहले अप्रैल में सिर्फ फटकार लगा कर बख्श दिया गया था। जिला पुलिस के वरिष्ठ अफसर के अनुसार इस साल अप्रैल में दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने शकूर पुर इलाके में खुलेआम शराब बिकने और सट्टा चलते हुए पाया था। 

उत्तर पश्चिम जिले के डीसीपी भीष्म सिंह ने विजिलेंस की रिपोर्ट मिलने के बाद शकूर पुर इलाके में अवैध शराब बेचने और सट्टा चलाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी। 
फटकार लगा कर बख्श दिया-
एसएचओ महेश कसाना को तब सैंश्योर दिया गया था।  सैंश्योर का मतलब आधिकारिक तौर पर किसी को गलत कार्य करने पर डांटना/फटकारना या निंदा/ आलोचना करना भी कहा जाता है। तत्कालीन एसीपी शैलेंद्र चौहान से भी स्पष्टीकरण/ जवाब तलब (एक्सप्लेनेशन) किया गया था। बीट में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को बीट से हटा दिया गया था। 
धंधा चालू है- लेकिन कुछ दिन ही बाद शकूर पुर इलाके में दोबारा से शराब बिकने लगी और सट्टा भी शुरू हो गया। विजिलेंस यूनिट ने अब पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी। जिसके आधार पर वीरवार को एसएचओ महेश कसाना को लाइन हाज़िर कर दिया गया।
पहले भी बख्शा गया-
सीबीआई ने 2 जनवरी 2025 को उत्तर पश्चिम जिले के सुभाष प्लेस थाने में तैनात हवलदार शिव हरि को खाने की रेहड़ी लगाने वाले सतीश यादव से दस हज़ार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया। उस समय भी एसएचओ महेश कसाना के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।


Thursday, 7 August 2025

डंकी रूट से अमेरिका ले जाने वाले हरियाणा के 2 मानव तस्कर गिरफ्तार : NIA


डंकी रूट से अमेरिका ले जाने वाले हरियाणा के 2 मानव तस्कर गिरफ्तार 



इंद्र वशिष्ठ, 
एनआईए ने कुख्यात डंकी रूट से लोगों को अमेरिका ले जाने वाले हरियाणा के दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है।
एनआईए के अनुसार आरोपी रवि कुमार और गोपाल सिंह को हरियाणा और पंजाब में चार स्थानों पर व्यापक तलाशी के बाद गिरफ्तार किया गया। हरियाणा के करनाल जिले में दो स्थानों पर, यमुनानगर (हरियाणा) और गुरदासपुर (पंजाब) में एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई। 
इंटरनेशनल गैंग-
एनआईए की जांच से पता चला है कि करनाल ज़िले के रहने वाले रवि और गोपाल एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा हैं। जो भारतीय नागरिकों को अमेरिका की वैध यात्रा का झूठा वादा करके उन्हें लुभाते/फंसाते थे। गोपाल ने एक अन्य प्रमुख अभियुक्त जय कुमार और रवि के साथ मिलकर कई पीड़ितों के अवैध इमिग्रेशन की साज़िश रची थी। उसने न केवल पीड़ितों की होटल बुकिंग और यात्रा कार्यक्रम का प्रबंधन किया, बल्कि अन्य सह-पीड़ितों के लिए एजेंट के रूप में भी काम किया। एनआईए की अब तक की जांच के अनुसार, उसने पीड़ितों और उनके परिवारों से पैसे वसूलने में अन्य अभियुक्तों की मदद की।
42 लाख रुपये लिए-
यह मामला हरियाणा के नारायणगढ़ निवासी शुभम सैनी के अमेरिका में अवैध इमिग्रेशन से संबंधित है। इस साल जनवरी में, उसे अमेरिकी अधिकारियों ने सीमा पर पकड़ लिया और भारत वापस भेज दिया। नारायणगढ़ पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में, सैनी ने खुलासा किया था कि उसे दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों के रास्ते अमेरिका ले जाया गया था। उसे विदेश में बंदी बनाकर रखा गया। उसके साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली की गई। उन्होंने और उनके परिवार ने सिंडिकेट को किश्तों में कुल 42 लाख रुपये दिए।
एनआईए द्वारा तलाशी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और अन्य सामग्रियों की जांच इमिग्रेशन रैकेट से जुड़ी आपराधिक साजिश के बारे में और सबूत जुटाने के लिए की जा रही है। ताकि साज़िश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ़्तार किया जा सके।

एनआईए ने इसके पहले 5 जुलाई को भी डंकी रूट से लोगों को अमेरिका ले जाने वाले दो मानव तस्करों धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के सनी उर्फ ​​सनी डोनकर और रोपड़ (पंजाब) के शुभम संधाल उर्फ ​​दीप हुंडी को गिरफ्तार किया था। हवाला कारोबारी शुभम वर्तमान में पीरागढ़ी, दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों इस साल मार्च में गिरफ्तार किए गए मानव तस्कर गगनदीप सिंह उर्फ ​​गोल्डी के सहयोगी हैं।
100 से ज्यादा लोगों को भेजा-
तिलक नगर, दिल्ली निवासी गगनदीप को एक पीड़ित की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था, जिसे कुख्यात डंकी रूट से अवैध रूप से अमेरिका ले जाया गया था और इस साल फरवरी में उसे वापस भारत भेज दिया गया था। 
एनआईए को जांच में पता चला कि गगनदीप सिंह उर्फ ​​गोल्डी प्रत्येक व्यक्ति से वैध कानूनी वीजा पर उन्हें अमेरिका भेजने के नाम पर करीब 45 लाख रुपये लेता था। इसके बाद वह उन्हें अवैध तरीके से स्पेन, अल-साल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको सहित कई देशों के रास्ते कठिन यात्रा पर भेज देता था। गिरफ्तार होने से पहले उसने 100 से अधिक लोगों को इस अवैध तरीके से अमेरिका भेजा था। 
पैसे के लिए प्रताड़ित-
सनी, गगनदीप सिंह का मुख्य सहयोगी/डोनकर है। उसने डंकी मार्ग पर पीड़ितों की यात्रा के इंतजाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पीड़ितों को रास्ते में डोनकर और एजेंटों द्वारा अधिक पैसे वसूलने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शुभम संधाल उर्फ ​​दीप हुंडी हवाला कूरियर ऑपरेटर है। गगनदीप ने पीड़ितों से लिए गए पैसे का कुछ हिस्सा लैटिन अमेरिका में स्थित डोनकरों को हस्तांतरित करने के लिए उसका इस्तेमाल किया।
डंकी रूट क्या है-
डंकी रूट- अवैध तरीके से विदेश जाने के लिए जो रास्ता अपनाया जाता है उसे डंकी रूट कहते हैं। 
डंकी शब्द पंजाबी भाषा के 'डुंकी' से आया है, जिसका अर्थ एक स्थान से दूसरे स्थान पर कूदना होता है। सीमा नियंत्रण से बचने के लिए यह एक जोखिम भरी और लंबी यात्रा होती है। इसमें खराब मौसम, भूख, बीमारी, दुर्व्यवहार और कभी-कभी मौत का भी सामना करना पड़ता है। इस रूट से विदेश यात्रा करने वालों को मानव तस्करों को अच्छी खासी रकम चुकानी पड़ती है। यह रकम लाखों में होती है। दिसंबर 2023 में डंकी रूट तब सुर्खियों में आया था जब फ्रांस ने दुबई से निकारागुआ जा रहे 303 भारतीय यात्रियों वाले एक चार्टर विमान को मानव तस्करी के संदेह में रोक दिया था। इनमें से ज्यादातर को वापस भारत भेज दिया गया था। 
फरवरी 2024 में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने डंकी रूट से अमेरिका जाने वाले भारतीयों के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जो डंकी रूट अपनाकर अमेरिका गए थे, उनके परिवारों ने बताया था कि मानव तस्कर दिल्ली और मुंबई से प्रवासियों को टूरिस्ट वीजा पर यूएई ले जाते हैं। वहां से उन्हें वेनेजुएला, निकारागुआ और ग्वाटेमाला जैसे लैटिन अमेरिका के कई ट्रांजिट बिंदुओं से होकर अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुंचाया जाता है। वहां इन लोगों को हैंडलर की ओर से यह भी बताया जाता है कि सीमा पार करते समय पकड़े जाने पर कैसे उत्पीड़न का हवाला देकर शरण का दावा किया जाए।






ड्रग्स, शराब, नशे के सौदागरों के ख़िलाफ़ मानस बना हथियार


  स्पेशल कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव (क्राइम, एएनटीएफ)




ड्रग्स, शराब बेचने वालों के ख़िलाफ़ मानस बना हथियार



इंद्र वशिष्ठ, 
ये बात जगजाहिर है कि पुलिस की मिलीभगत/सांठगांठ के बिना शराब और ड्रग्स का अवैध धंधा हो ही नहीं सकता। 
लेकिन अब शराब और ड्रग्स बेचने वालों के ख़िलाफ़ लोग मानस (मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र), राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन/ पोर्टल पर सूचना दे सकते हैं। 

दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) मानस पर मिली सूचनाओं/शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव (क्राइम, एएनटीएफ) ने बताया कि एएनटीएफ के तहत मानस पोर्टल प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है और पूरी तरह से चालू है। 
ड्रग्स बरामद-
मानस पोर्टल पर 11.01.2025 से 06.08.2025 तक मिली शिकायतों पर कुल 16 मामलों में कार्रवाई के परिणाम स्वरूप हेरोइन, गांजा, साइकोट्रोपिक टैबलेट, इंजेक्शन और शराब सहित प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुए।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मानस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं/ सुरागों पर स्वतंत्र रूप से छापे भी मारे। 
थाना बुराड़ी, भलस्वा डेयरी, नंद नगरी इलाके में कई मामलों में 180 ग्राम से अधिक हेरोइन/स्मैक बरामद की। थाना आनंद पर्वत, विवेक विहार, आर.के. पुरम, गोविंदपुरी इलाके में 3700 ग्राम से अधिक गांजा बरामद किया।
अमन विहार, रणहौला, विजय विहार में
ब्यूप्रेनॉर्फिन/एविल इंजेक्शन जब्त किए। थाना रणहौला, थाना करावल नगर में अलग-अलग मामलों में शराब के 56 और 24 क्वार्टर बरामद किए। 
इसके अलावा आबकारी, जुआ अधिनियम और बीएनएस के तहत भी मामले दर्ज किए गए और उनकी जांच की गई। 
16 मामले दर्ज-
एनडीपीएस/ एक्साइज/ गैंबलिंग एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत दिल्ली के 12 थानों में कुल 16 मामले दर्ज किए गए। रनहोला में 3, बुराड़ी और गोविन्द पुरी में 2-2 मामले, हजरत निजामुद्दीन, विजय विहार, अमन विहार, भलस्वा डेरी, आर के पुरम, करावल नगर, नन्द नगरी, आनन्द पर्वत और विवेक विहार में एक-एक मामला दर्ज किया गया। 
ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई-
स्पेशल कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव (क्राइम,एएनटीएफ) ने बताया कि दिल्ली पुलिस नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से आग्रह है कि वे किसी भी संदिग्ध मादक पदार्थ गतिविधि की सूचना मानस हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) या ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप (उमंग प्लेटफ़ॉर्म के अंतर्गत) के माध्यम से दें। शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
शुरुआत-
मानस (मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र), राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन/ पोर्टल की
शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7वीं शीर्ष स्तरीय एनसीओआरडी बैठक के दौरान की थी और बाद में 11.01.2025 को विज्ञान भवन में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान इसका विस्तार किया गया, देश भर में मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक माध्यम के रूप में उभरा है।
नागरिकों के लिए मादक पदार्थों से संबंधित जानकारी गुमनाम और सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करने हेतु एक समर्पित टोल-फ्री नंबर 1933 और एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म 24x7 उपलब्ध कराया गया है।

Wednesday, 6 August 2025

उत्तरी रोहिणी थाने का एसएचओ और सब- इंस्पेक्टर सस्पेंड, भ्रष्टाचार चरम पर


उत्तरी रोहिणी थाने का एसएचओ और सब- इंस्पेक्टर सस्पेंड



इंद्र वशिष्ठ, 
भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के लगातार पकड़े जाने के बावजूद निरंकुश,बेखौफ पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेना जारी है। 
सीबीआई ने उत्तरी रोहिणी थाने में तैनात सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह को चालीस हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। सब- विजय सिंह ने हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को गिरफ्तार न करने और अग्रिम जमानत में मदद करने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। 
रोहिणी जिले के डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह और उसके सुपरवाइजरी अफसर उत्तरी रोहिणी थाने के एसएचओ खालिद हुसैन  को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार  महेश उर्फ पंकज के ख़िलाफ़ रोहिणी उत्तर थाने में हत्या के प्रयास आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज है। सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह इस मामले का जांच अफसर है। 
आरोप है कि सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह ने महेश को गिरफ्तार न करने, अग्रिम जमानत कराने में मदद करने और उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को कैंसिल कराने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी। महेश के कजन ने तीन किस्तों में रिश्वत की रकम दे दी। इसके बाद भी सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह ने 50 हजार रुपये रिश्वत और मांगी। तब  कजन ने 4 अगस्त को सीबीआई में शिकायत कर दी। सीबीआई ने 5 अगस्त को सब- इंस्पेक्टर विजय सिंह को रोहिणी कोर्ट के बाहर से 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 
भ्रष्टाचार चरम पर-
एक करोड़ मांगने वाला इंस्पेक्टर सुनील जैन गिरफ्तार-
उत्तर पश्चिम जिले के डीआईयू में तैनात इंस्पेक्टर सुनील जैन को एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के मामले में रोहतक एंटी करप्शन ब्रांच ने एक अगस्त को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर सुनील जैन के भाई के सोनीपत स्थित स्कूल में क्लर्क संदीप को 30 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दो आपराधिक मामलों में आरोपी प्रवीण लाकड़ा के मामले को हल्का करने के लिए रिश्वत मांगी थी। 

50 लाख मांगने वाली थानेदारनी-
पश्चिम विहार ईस्ट थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट द्वारा 50 लाख रुपए  रिश्वत मांगने का मामला 27 जुलाई को सामने आया।  बीस लाख से ज्यादा सब- इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट ले चुकी थी। 
7 लाख मांगने वाला थानेदार-
साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के कापसहेड़ा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर सुरेश द्वारा चोरी के मामले में गिरफ्तार न करने की एवज में सात लाख रुपए मांगने का मामला सामने आया है। 24 जुलाई को विजिलेंस की टीम ने 50 हजार रुपए लेते हुए सब इंस्पेक्टर सुरेश को पकड़ लिया। सब- इंस्पेक्टर ने बचने के लिए कहानी बना दी कि ये रकम तो केस प्रॉपर्टी के रूप में उसने जब्त की है। विजिलेंस ने जांच की तो पता चला कि थाने में इस बारे में सब- इंस्पेक्टर सुरेश ने रिकॉर्ड में कुछ भी दर्ज (डीडी एंट्री) नहीं किया था। जिसके बाद विजिलेंस यूनिट ने सब- इंस्पेक्टर के खिलाफ के खिलाफ़ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया।