इंद्र वशिष्ठ,
बीएसएफ की पहली महिला पर्वतारोहण टीम ने वीरवार को माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। पर्वतारोहियों ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” गाया।
महिला पर्वतारोहण टीम ने 21 मई, सुबह 8 बजे माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की।
बीएसएफ की महिला पर्वतारोहण टीम में लद्दाख की सिपाही कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की सिपाही मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थी।
विभिन्न पृष्ठभूमियों से आई इन बीएसएफ पर्वतारोहियों ने भारत की विविधता में एकता की सच्ची भावना को प्रतिबिंबित किया और अत्यधिक ऊँचाई वाली परिस्थितियों में असाधारण दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और साहस का प्रदर्शन किया।
बीएसएफ की महिला सीमा प्रहरी अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीमाओं की रक्षा कर रही हैं।
बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने रेडियो लिंक के माध्यम से शिखर पर पहुंची टीम के साथ बात की और पूरे बल और राष्ट्र की ओर से उन्हें बधाई दी।
बीएसएफ के महानिदेशक ने पर्वतारोहियों के अनुकरणीय साहस, साहस और अटूट दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते हुए इस अभियान को बीएसएफ कर्मियों की अदम्य भावना, व्यावसायिकता और समर्पण का एक शानदार प्रतीक बताया।
यह अभियान बीएसएफ के डायमंड जुबली समारोह और राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" की 150 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में था।
इस अभियान को 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार, आईपीएस द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मिशन के क्रम में, बीएसएफ की पुरुष पर्वतारोहण टीम अगले 2-3 दिनों में माउंट ल्होत्से (8516 मीटर) पर भी चढ़ाई का प्रयास करेगी।
यह उपलब्धि बीएसएफ पर्वतारोहण की गौरवशाली विरासत में एक और अध्याय जोड़ती है। बीएसएफ कर्मियों ने इससे पहले 50 प्रमुख चोटियों पर चढ़ाई की है, जिनमें सफल एवरेस्ट अभियान भी शामिल हैं।
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