1996 श्रीनगर हिंसा: शब्बीर शाह समेत हुर्रियत के 6 नेताओं के ख़िलाफ़ चार्जशीट
इंद्र वशिष्ठ
एनआईए ने 1996 में श्रीनगर में हुई हिंसा और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी के मामले में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के छह वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।
शुक्रवार को जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में शब्बीर अहमद शाह, सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन, मोहम्मद याकूब वकील उर्फ मोहम्मद याकूब वक़ील, जाविद अहमद मीर और शकील अहमद बख्शी को आरोपी बनाया गया है।
सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन और मोहम्मद याकूब वकील के विरुद्ध कार्यवाही उनके निधन के कारण समाप्त हो चुकी है। हालांकि, आरोपपत्र में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित साजिश और गैरकानूनी जमावड़े में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है।
एनआईए के अनुसार, 17 जुलाई 1996 को मारे गए उग्रवादी हिलाल अहमद बेग के जनाजे के दौरान नाज़ क्रॉसिंग, श्रीनगर में इन नेताओं ने कथित रूप से एक अवैध जमावड़े का नेतृत्व किया और पुलिस के खिलाफ हिंसा भड़काई। जुलूस में शामिल आतंकियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पथराव में सरकारी वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
आरोपित नेताओं ने भारत-विरोधी, पाकिस्तान समर्थक और अलगाववादी नारे लगाए तथा कथित रूप से भडकाऊ भाषण दिए। यह हिंसा हुर्रियत नेतृत्व की एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य जनाजे के जुलूस का उपयोग अलगाववादी विचारधारा के प्रचार, जनसमर्थन जुटाने और कानून-व्यवस्था को बाधित करने के लिए करना था।
घटना के दिन श्रीनगर के शेरगढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने अप्रैल 2026 में मामले की जांच अपने हाथ में ली।