Tuesday, 7 April 2026

शकर पुर थाने की महिला SI और HC के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, हवलदार गिरफ्तार

शकर पुर थाने की महिला SI और HC के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, हवलदार गिरफ्तार


इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। 
सीबीआई ने 6 अप्रैल को पूर्वी जिले के शकर पुर थाने के हवलदार राहुल को बीस हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। 
सीबीआई ने नोएडा निवासी एक महिला की शिकायत पर शकर पुर थाने में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल के ख़िलाफ़ 6 अप्रैल को आपराधिक साज़िश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया। 
एफआईआर के अनुसार महिला का आरोप है कि उसके और उसके दोस्त के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न आदि की धाराओं के तहत एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले की आईओ सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल दस मार्च को उसे उसके घर से उठा कर थाने लाए। सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल ने एफआईआर से दोनों के नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगी। 
महिला ने 3 अप्रैल को सीबीआई में शिकायत कर दी। 
सीबीआई ने आरोपों के सत्यापन के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। इसके बाद शिकायतकर्ता से थाने में ही रिश्वत लेते हुए हवलदार राहुल को गिरफ्तार कर लिया। सब-इंस्पेक्टर रक्षा को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। 
भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 3 अप्रैल को बाहरी जिले के पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाहरी जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का दो महीने में ये तीसरा मामला सामने आया है। 
सब-इंस्पेक्टर मनोज ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास/ झगड़े के मामले को रफा दफा करने के लिए 3 लाख रुपये रिश्वत मांगी। पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने के एसएचओ देवेन्द्र सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया।
इसके पहले सीबीआई ने 13 मार्च को बाहरी जिले के ही सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया था। एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को इसी जिले के पश्चिम विहार(ईस्ट) थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने 24 मार्च को कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी।दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 15 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 



' नमो भारत ' कॉरिडोर की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले

सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन, डीआईजी संजय कुमार सैन 
नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले



इंद्र वशिष्ठ, 
सीआईएसएफ ने अब दिल्ली-एनसीआर में  नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा भी संभाल ली है। 
दिल्ली के न्यू अशोक नगर में मंगलवार को आयोजित एक समारोह के दौरान रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को सौंप दी गई। 
यह भारत के पहले हाई-स्पीड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की पूर्ण तैनाती की शुरुआत का प्रतीक है, जो पूरे एनसीआर में यात्रियों के लिए सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुनिश्चित करेगा। 
एनसीआरटीसी के अफसरों ने सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन को एक प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।

इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि नमो भारत नेटवर्क में सीआईएसएफ की तैनाती भारत के नए जमाने के परिवहन ढांचे को सुरक्षित करने में एक अहम कदम है। जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ रही हैं, सुरक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी उतना ही उन्नत, एकीकृत और तकनीक-आधारित होना चाहिए। सीआईएसएफ एक सहज, मजबूत और यात्री-केंद्रित सुरक्षा माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों में विश्वास भी जगाता है।
251 जवान तैनात-
आरआरटीएस नेटवर्क के दिल्ली खंड के तीन स्टेशनों - आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और सराय काले खान की सुरक्षा सीआईएसएफ के कुल 251 कर्मी करेंगे। 
दिल्ली खंड आरआरटीएस के प्रथम चरण का हिस्सा है, जिसमें दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 22 स्टेशन शामिल हैं।
 उत्तर प्रदेश के आरआरटीएस स्टेशनों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (यूपीएसआईएसएफ) द्वारा की जाएगी।‌ सीआईएसएफ मेट्रो और ट्रांजिट सुरक्षा में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है, जिसमें प्रवेश नियंत्रण, स्क्रीनिंग और भीड़ प्रबंधन शामिल है। उत्तर प्रदेश के आरआरटीएस स्टेशनों की सुरक्षा के लिए यूपीएसआईएसएफ के कर्मियों को डीएमआरसी में सीआईएसएफ द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। 
सीआईएसएफ की तैनाती से पूरे आरआरटीएस नेटवर्क में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिसमें उन्नत निगरानी प्रणाली (एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम), एक्सेस कंट्रोल, तोड़फोड़ विरोधी जांच और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमताएं शामिल हैं।
इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक ने जवानों के आवास के निर्माण के लिए भूमि पूजन/शिलान्यास किया। यह आरआरटीएस ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह में एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल,  सीआईएसएफ के एडीजी/मुख्यालय विजय प्रकाश, आईजी/एनसीआर सरोज कांत मल्लिक, डीआईजी/डीएमआरसी संजय कुमार सैन और सीआईएसएफ तथा एनसीआरटीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


Saturday, 4 April 2026

पश्चिम विहार थाने का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, एसएचओ लाइन हाज़िर

पश्चिम विहार थाने का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, एसएचओ लाइन हाज़िर  


इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। सीबीआई ने 3 अप्रैल को बाहरी जिले के पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाहरी जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का दो महीने में ये तीसरा मामला सामने आया है। 
शिकायतकर्ता राधे श्याम के बेटे सन्नी का 26 मार्च को किसी लड़के से झगड़ा हो गया। सब-इंस्पेक्टर मनोज ने बीट के सिपाही के माध्यम से 1 अप्रैल को राधे श्याम को थाने बुलवाया। राधे श्याम का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर मनोज ने उसकी पिटाई की। 
सब-इंस्पेक्टर मनोज ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास/झगड़े के मामले को रफा दफा करने के लिए 3 लाख रुपये रिश्वत मांगी। सब-इंस्पेक्टर मनोज ने कहा कि अभी सब मेरे हाथ में है मैं सब ठीक कर दूंगा। राधे श्याम ने 3 अप्रैल को सीबीआई में शिकायत कर दी। 
 सीबीआई ने थाने के अंदर ही सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने के एसएचओ देवेन्द्र सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया।
 इसके पहले सीबीआई ने 13 मार्च को बाहरी जिले के ही सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया था। एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को इसी जिले के पश्चिम विहार(ईस्ट) थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 24 मार्च को कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी।
 दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 15 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये  रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
एएसआई सुंदर पाल सिंह ने शिकायतकर्ता प्रेम सूद से दविंदर सलवान के साथ प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट को कैंसिल करने के उसके मामले को निपटाने और यह पक्का करने के लिए कि दविंदर सलवान उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, 25 लाख रुपये रिश्वत  मांगी। 








Tuesday, 31 March 2026

MCD का डिप्टी कमिश्नर और प्रशासनिक अधिकारी गिरफ्तार


इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने एमसीडी, शाहदरा, उत्तरी ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी देवांशु गौतम को 4 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने 30 मार्च 2026 को एमसीडी के निलंबित एसएसए मुकेश शर्मा और निलंबित जेएसए गजेंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया। 
डिप्टी कमिश्नर कर्नल अभिषेक मिश्रा द्वारा इन दोनों निलंबित कर्मचारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की जा रही है। 
आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा की ओर से प्रशासनिक अधिकारी देवांशु गौतम ने उन दोनों की जांच रिपोर्ट उनके पक्ष में सक्षम अधिकारी को भेजने के लिए 4 लाख रुपये(दो लाख रुपये प्रति) रिश्वत मांगी।
सीबीआई ने 30 मार्च को जाल बिछाया और आरोपी प्रशासनिक अधिकारी देवांशु गौतम को शिकायतकर्ताओं से 4 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा की भूमिका भी सामने आई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक मिश्रा एमसीडी में प्रतिनियुक्ति पर है। 




Saturday, 28 March 2026

सीआरपीएफ के डीआईजी और 2 कर्मियों को 3 साल की सज़ा

सीआरपीएफ के डीआईजी और 2 कर्मियों को 3 साल की सज़ा


इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई कोर्ट (पश्चिम) लखनऊ ने 28 मार्च, 2026 को सीआरपीएफ में सिपाहियों की भर्ती से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में, सीआरपीएफ के तत्कालीन डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) विनोद कुमार शर्मा, सीआरपीएफ कर्मियों सत्यवीर सिंह और तीरथ पाल चतुर्वेदी को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास और कुल 1.2 लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई।
सीबीआई ने 23 फरवरी, 2009 को, गुप्त सूचना के आधार पर डीआईजी विनोद कुमार शर्मा और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ यह मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला कि उन्होंने सीआरपीएफ में सिपाही (जनरल ड्यूटी) के पद पर भर्ती चाहने वाले उम्मीदवारों से अवैध रिश्वत लेने के लिए कुछ निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साज़िश रची थी। डीआईजी विनोद कुमार शर्मा ने भर्ती कार्यक्रम और उपलब्ध रिक्तियों के बारे में बिचौलियों को पहले से जानकारी दे दी थी, ये बिचौलिए संभावित उम्मीदवारों को, उनके चयन की गारंटी के बदले, बड़ी रक़म की रिश्वत देने के लिए प्रेरित कर रहे थे। जांच ​​पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 23 नवंबर, 2010 और 16 जुलाई, 2012 को आरोपियों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दायर किए। पूरी सुनवाई के बाद, माननीय न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें तदनुसार सज़ा सुनाई।



Wednesday, 25 March 2026

कश्मीरी गेट बस अड्डे का चौकी इंचार्ज गिरफ्तार


इंद्र वशिष्ठ, 
दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा। सीबीआई ने कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी। 
शिकायतकर्ता मुकेश गुप्ता ने 23 मार्च 2026 को सीबीआई में चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज के खिलाफ शिकायत की। शिकायतकर्ता कश्मीरी गेट बस अड्डे पर पानी की बोतलों का थोक विक्रेता है। वह पटरी/फुटपाथ पर अपना धंधा करता है। उसने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज पानी की बोतलें बेचने की अनुमति देने के बदले में, पानी की बोतलों की प्रत्येक पेटी पर 10 रुपये या मासिक रूप से 33,000 रुपये रिश्वत मांग रहा है। 
सीबीआई ने आरोपों का सत्यापन किया, जिसमें यह पता चला है कि सब-इंस्पेक्टर नीरज शिकायतकर्ता को पानी की बोतलें बेचने की अनुमति देने के बदले में, पानी की बोतलों की पेटियों की बिक्री के आधार पर मासिक रूप से रिश्वत की मांग कर रहा है। सीबीआई ने 24 मार्च को सब-इंस्पेक्टर नीरज के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। 
भ्रष्टाचार चरम पर-
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 25 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये  रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।
सट्टेबाज से रिश्वत लेते दो हवलदार गिरफ्तार, एसएचओ लाइन हाज़िर
सीबीआई ने 13 मार्च को दिल्ली पुलिस के सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों हवलदारों को सस्पेंड कर दिया गया है। सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया है। सट्टेबाज मूलचंद ने 12 मार्च को सीबीआई को बीट में तैनात पुलिसकर्मियों विजय मलिक, हवलदार राजेश और हवलदार अजय के ख़िलाफ़ रिश्वत मांगने की शिकायत दी।
मूलचंद का आरोप है कि वह अब सट्टेबाजी का धंधा बंद करना चाहता है लेकिन तीनों पुलिसकर्मियों ने उससे कहा कि बीस हज़ार रुपये दिए बिना वह धंधा बंद नहीं कर सकता। रिश्वत दिए बिना सट्टेबाजी बंद की तो उसे फर्जी मामले में फंसा देंगे। 
सीबीआई ने 13 मार्च को दोनों हवलदारों को  रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीसरे पुलिसकर्मी विजय मलिक की भूमिका की जांच की जा रही है। 
भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
एएसआई सुंदर पाल सिंह ने शिकायतकर्ता प्रेम सूद से दविंदर सलवान के साथ प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट को कैंसिल करने के उसके मामले को निपटाने और यह पक्का करने के लिए कि दविंदर सलवान उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, 25 लाख रुपये रिश्वत  मांगी। 
एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को पश्चिम विहार थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया । 













Tuesday, 24 March 2026

कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद


कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद



इंद्र वशिष्ठ
एनआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की संस्थापक और अध्यक्ष, अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद और 8 लाख रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। आसिया अंद्राबी की सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 साल की कैद और 7-7 लाख रुपये जुर्माने की सज़ा दी गई है।
 इनको 2018 के कश्मीर अलगाववादी साज़िश मामले में सज़ा सुनाई गई है। 
डीईएम एक पूरी तरह से महिलाओं का संगठन है, जिसका घोषित उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है।
कश्मीर निवासी इन तीनों महिलाओं को जुलाई 2018 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले, जनवरी 2026 में, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इन्हें गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम  तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने के उद्देश्य से डीईएम को सक्रिय रूप से चलाने का दोषी पाया था।
मंगलवार को सुनाए गए फैसले के अनुसार, आसिया को आईपीसी और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और कुल 8 लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। आसिया की शादी प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी आशिक हुसैन फकतू से हुई थी। फकतू इस समय जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता एच.एन. वांचू की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा है। 
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग थानों में दर्ज 32 अन्य एफआईआर में भी आसिया अंद्राबी का नाम शामिल है।
डीईएम की जनरल सेक्रेटरी नाहिदा नसरीन और इस संगठन की प्रेस सेक्रेटरी सोफी फहमीदा, दोनों को आईपीसी और यूएपीए  के अलग-अलग प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है और एक साथ सज़ा सुनाई गई है। इसमें ज़्यादा से ज़्यादा 30 साल की साधारण कैद और हर एक पर कुल 7 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। सोफी फहमीदा के खिलाफ आठ अन्य मामले दर्ज हैं, जबकि नाहिदा नसरीन के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं।
एनआईए की जांच में यह साफ तौर पर साबित हो गया था कि डीईएम की आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने और उन्हें आगे बढ़ाने में आरोपियों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने नफरत फैलाने, हिंसा और जिहाद भड़काने के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल किया था। उनका मकसद जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना था, जिससे देश की एकता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया था।