इंद्र वशिष्ठ,
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले के एंटी नारकोटिक्स सेल के हवलदार अजय को 2 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने एंटी नारकोटिक्स सेल के दफ़्तर से 48.87 लाख रुपये जब्त किए है।
इतनी मोटी रकम की बरामदगी से तो यह साफ़ पता चलता है कि पुलिसकर्मी नशे के सौदागरों को पकड़ने की बजाए उनसे वसूली करने में लगे हुए हैं।
कमिश्नर, आईपीएस की भूमिका-
पुलिस में भ्रष्टाचार चरम पर है। पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वतखोरी, वसूली के अलावा लूटपाट करने तक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एसएचओ के पद पर इंस्पेक्टरों को लगाने और पद से हटाने में जमकर भेदभाव का सिलसिला जारी है। कमिश्नर और आईपीएस अफसरों के चहेते तो सालों से एसएचओ के पद पर जमे हुए है।
इससे कमिश्नर सतीश गोलछा और आईपीएस अफसरों की पेशेवर काबलियत और भूमिका पर भी सवालिया निशान लग जाता है।
लाइन हाज़िर-
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुभाष को लाइन हाज़िर कर दिया गया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को ड्रग्स के मामले में झूठा न फंसाने के लिए 15 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने 21.04.2026 को एक शिकायत के आधार पर द्वारका की एंटी नारकोटिक्स सेल के हवलदार अजय और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। हवलदार अजय और अन्य पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता को एक मामले में झूठा न फंसाने के लिए 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। हवलदार अजय ने 21.04.2026 तक 5 लाख रुपये की आंशिक रकम पहुंचाने का निर्देश दिया था।सीबीआई ने 21.04.2026 को एक जाल बिछाया और हवलदार अजय को शिकायतकर्ता से कुल 15 लाख रुपये की रिश्वत में से आंशिक भुगतान के तौर पर 2 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कार्यालय परिसर की तलाशी के दौरान 48.87 लाख रुपये की राशि जब्त की गई है।
दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा।
शकर पुर थाने की महिला SI और HC के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, हवलदार गिरफ्तार
सीबीआई ने 6 अप्रैल को पूर्वी जिले के शकर पुर थाने के हवलदार राहुल को बीस हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने नोएडा निवासी एक महिला की शिकायत पर शकर पुर थाने में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल के ख़िलाफ़ 6 अप्रैल को आपराधिक साज़िश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया।
एफआईआर के अनुसार महिला का आरोप है कि उसके और उसके दोस्त के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न आदि की धाराओं के तहत एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले की आईओ सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल दस मार्च को उसे उसके घर से उठा कर थाने लाए। सब-इंस्पेक्टर रक्षा और हवलदार राहुल ने एफआईआर से दोनों के नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगी।
महिला ने 3 अप्रैल को सीबीआई में शिकायत कर दी।
सीबीआई ने आरोपों के सत्यापन के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। इसके बाद शिकायतकर्ता से थाने में ही रिश्वत लेते हुए हवलदार राहुल को गिरफ्तार कर लिया। सब-इंस्पेक्टर रक्षा को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
बाहरी जिले में 2 महीने में 3 मामले-
सीबीआई ने 3 अप्रैल को बाहरी जिले के पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाहरी जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का दो महीने में ये तीसरा मामला सामने आया है।
सब-इंस्पेक्टर मनोज ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास/ झगड़े के मामले को रफा दफा करने के लिए 3 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
एस एच ओ लाइन हाज़िर-
पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने के एसएचओ देवेन्द्र सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया।
इसके पहले सीबीआई ने 13 मार्च को बाहरी जिले के ही सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
एस एच ओ लाइन हाज़िर-
इस मामले में सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया था।
एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को इसी जिले के पश्चिम विहार(ईस्ट) थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
बस अड्डा चौकी इंचार्ज गिरफ्तार-
सीबीआई ने 24 मार्च को कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी।
एएसआई गिरफ्तार-
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 15 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
लुटेरे पुलिस वाले -
मध्य जिले के देश बंधु गुप्ता रोड थाने के सब-इंस्पेक्टर महावीर और सिपाही विक्की को यूपी के जालौन निवासी व्यापारी दीपक सोनी से आठ लाख 40 हजार रुपये लूटने के मामले में 30 मार्च को गिरफ्तार किया गया।
24 मार्च की वारदात है। यूपी के जालौन निवासी दीपक दस ला रुपये लेकरकरोल बाग में जेवर खरीदने आए थे। पुलिसकर्मियों ने उनके नोटों को नकली बता कर उनसे, 8.40 लूट लिए। दीपक ने अगले दिन डीसीपी से शिकायत की।
दिल्ली पुलिस के एक नामी एसीपी(सेवानिवृत्त) की टिप्पणी-
ऐसे मामलों में, जहाँ इतनी बड़ी रकम बरामद होती है और पुलिस यूनिट द्वारा कोई संगठित रैकेट चलाया जा रहा होता है, वहाँ सुपरवाइज़री रैंक के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्हें यह समझाना होगा कि उन्हें इतनी आज़ादी कैसे मिली कि उनके ही दफ़्तर से इतनी बड़ी रकम बरामद हो गई। यह सभी सुपरवाइज़री अधिकारियों की नाकामी है, जो ACP से लेकर स्पेशल CP तक—जिन पर ऐसी विशेष यूनिट की निगरानी की ज़िम्मेदारी होती है—इस तरह के अनैतिक गठजोड़ पर नज़र रखने में नाकाम रहे। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों को विशेष एजेंसियों में लंबे समय तक रखने का विचार उल्टा साबित हुआ है, और इस नीति पर फिर से विचार करना बेहद ज़रूरी है।