Friday, 22 May 2026

नीट पेपर लीक: फिजिक्स की मैडम गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने नीट परीक्षा का फिजिक्स का पेपर लीक करने के आरोप में मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। वह पुणे में सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला में प्रिंसिपल है। वह नीट परीक्षा प्रक्रिया में एनटीए द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थी। उसके पास फिजिक्स के पेपर तक पूरी पहुंच थी। अप्रैल 2026 के दौरान उसने नीट के फिजिक्स से संबंधित कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। उसके द्वारा साझा किए गए प्रश्न नीट परीक्षा के फिजिक्स के प्रश्नपत्रों से मेल खाते हैं। मनीषा संजय हवलदार ने 1992 में फिजिक्स टीचर के रूप में स्कूल में कार्यभार संभाला था। वह 2023 से प्रिंसिपल के पद पर है और 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाली थी।अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

सीबीआई ने 18 मई को लातूर(महाराष्ट्र) स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान के मालिक प्रोफेसर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर उर्फ एम सर को गिरफ्तार किया। 16 मई को बायोलॉजी पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली में गिरफ्तार किया।15 मई को इस मामले में पुणे से मुख्य आरोपी/ सरगना केमिस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया। पी.वी. कुलकर्णी, एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे। उनके पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। 14 मई को अहिल्या नगर के धनजंय लोखंडा और पुणे की मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया। 13 मई को जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल बिवाल, विकास और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खेरनार को गिरफ्तार किया। 
विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की गई जांच से पेपर लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता चला है। उन बिचौलियों की भी पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने उन छात्रों को जुटाया था जिन्होंने नीट परीक्षा में आने वाले प्रश्न साझा किए जाने वाले विशेष कोचिंग कक्षाओं में भाग लेने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था। 













बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमा बनेगी अभेद्य, घुसपैठियों को चुन-चुन कर देश से निकालेंगे : गृहमंत्री अमित शाह

इंद्र वशिष्ठ, 
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की स्थापना के 60वें साल में ही स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट की शुरूआत कर बांग्लादेश और पाकिस्तान की पूरी सीमा को अभेद्य बना देंगे।
 गृह मंत्रालय बहुत जल्दी, ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरों और अन्य नई  तकनीकों के साथ एक स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट को लेकर आएगा।
शुक्रवार को नई दिल्ली में बीएसएफ के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ, नारकोटिक्स की तस्करी, गौ तस्करी, नकली नोट, संगठित अपराध, ड्रोन से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित कई प्रकार की चुनौतियां बीएसएफ के सामने हैं, लेकिन बीएसएफ ने  इन सभी चुनौतियों का बखूबी सामना कर देश की सुरक्षा करने का काम किया है। 
 गृह मंत्री ने कहा कि अब हम केवल पारंपरिक तरीके से सीमाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते। हमें राज्य पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल, अन्य सशस्त्र बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, खुफिया एजेंसियों और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना पड़ेगा। सीमापार से घुसपैठ द्वारा कृत्रिम तरीके से जनसांख्यिकी में किए जा रहे बदलाव को रोकने के लिए भी हमें सतर्क और सजग रहना पड़ेगा। नारकोटिक्स और नकली नोटों के हमले से हमारे अर्थ तंत्र को खोखला करने के प्रयास के प्रति भी हमें सतर्क रहना होगा। साइबर चुनौतियां, हाइब्रिड वॉरफेयर और ड्रोन के खतरों के लिए एक नई रणनीति के साथ हमें काम करना होगा।चुन-चुन कर देश से निकालेंगे-
गृह मंत्री ने कहा कि हम न केवल घुसपैठ को रोकेंगे, बल्कि एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर देश से बाहर निकाल देंगे। 
बीएसएफ को जनसांख्यिकी में बदलाव करने के षड्यंत्र को रोकना होगा। बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि वह न केवल सीमाओं की सुरक्षा करें बल्कि गांव के पटवारी, थाने, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, डीडीओ, जिला पुलिस अधीक्षक के साथ उनका संवाद होना चाहिए। कौन नया घुसपैठिया आया है, उसके आने का क्या रूट है, कहां से तस्करी, गौ तस्करी हो रही है? इन सभी रास्तों को चुन-चुन कर बंद करना और समाप्त करना बीएसएफ की जिम्मेदारी है। 
विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल-
गृह मंत्री ने कहा कि सियाचिन और कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियां, कुपवाड़ा, केरन और उरी जैसे दुर्गम क्षेत्र, राजस्थान का रण, कच्छ का छोटा रण, सरक्रीक के दलदली नाले, सुंदरवन के घने जंगल, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम की कठिन पूर्वी सीमाएं और ब्रह्मपुत्र से जुड़े कठिन संवेदनशील नदी क्षेत्रों के बीच सीमा सुरक्षा बल डटा हुआ है। इसी कारण 1965 में महज 25 बटालियनों से अल्प संसाधनों के साथ शुरू हुआ सीमा सुरक्षा बल, आज 2,70,000 की नफरी के साथ विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि समस्या को बनाए रखना या कंट्रोल में रखना सुरक्षा का दृष्टिकोण नहीं हो सकता, बल्कि समस्या को समूल समाप्त करना ही सुरक्षा का दृष्टिकोण हो सकता है।  अब घुसपैठ के लिए भी बीएसएफ को इसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर हमने 50 किलोमीटर किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को जो भूमि देनी थी उसका निर्णय भी हो चुका है।
नारकोटिक्स के खिलाफ अभियान-
गृह मंत्री ने कहा कि नारकोटिक्स के खिलाफ भी हम देश में एक बहुत बड़ा अभियान चलाने जा रहे हैं और इसमें भी सीमा सुरक्षा बल की बहुत अहम भूमिका होगी। बीएसएफ़ की सतर्कता से दोनों तरफ की सूचनाएं एकत्रित कर नारकोटिक्स के खिलाफ लड़ाई में भी इस बल का बहुत बड़ा योगदान है। आने वाले तीन-चार साल सीमा सुरक्षा में संपूर्ण बदलाव के वर्ष होंगे। तकनीकी सहायता मिलने से जवानों की जिम्मेदारी कम नहीं होती, बल्कि बढ़ती है। तकनीक को आत्मसात कर, स्थानीय लोगों से संवाद प्रस्थापित कर, स्थानीय प्रशासन से तालमेल बढ़ाते हुए हमें इस देश को घुसपैठ से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल करना है।













 




Thursday, 21 May 2026

BSF की महिला पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट फतह की

इंद्र वशिष्ठ,
बीएसएफ की पहली महिला पर्वतारोहण टीम ने वीरवार को माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। पर्वतारोहियों ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” गाया। 
महिला पर्वतारोहण टीम ने 21 मई, सुबह 8 बजे माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की।
 बीएसएफ की महिला पर्वतारोहण टीम में लद्दाख की सिपाही कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की सिपाही मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थी।
विभिन्न पृष्ठभूमियों से आई इन बीएसएफ पर्वतारोहियों ने भारत की विविधता में एकता की सच्ची भावना को प्रतिबिंबित किया और अत्यधिक ऊँचाई वाली परिस्थितियों में असाधारण दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और साहस का प्रदर्शन किया।‌ 
बीएसएफ की महिला सीमा प्रहरी अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। 
बीएसएफ के महानिदेशक  प्रवीण कुमार ने  रेडियो लिंक के माध्यम से शिखर पर पहुंची टीम के साथ बात की और पूरे बल और राष्ट्र की ओर से उन्हें बधाई दी। 
बीएसएफ के महानिदेशक ने पर्वतारोहियों के अनुकरणीय साहस, साहस और अटूट दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते हुए इस अभियान को बीएसएफ कर्मियों की अदम्य भावना, व्यावसायिकता और समर्पण का एक शानदार प्रतीक बताया।
यह अभियान बीएसएफ के डायमंड जुबली समारोह और राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" की 150 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में था।
इस अभियान को 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से बीएसएफ के महानिदेशक  प्रवीण कुमार, आईपीएस द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मिशन के क्रम में, बीएसएफ की पुरुष पर्वतारोहण टीम अगले 2-3 दिनों में माउंट ल्होत्से (8516 मीटर) पर भी चढ़ाई का प्रयास करेगी।
यह उपलब्धि बीएसएफ पर्वतारोहण की गौरवशाली विरासत में एक और अध्याय जोड़ती है। बीएसएफ कर्मियों ने इससे पहले 50 प्रमुख चोटियों पर चढ़ाई की है, जिनमें सफल एवरेस्ट अभियान भी शामिल हैं।
















Wednesday, 20 May 2026

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला गद्दार गिरफ्तार



इंद्र वशिष्ठ, 
एनआईए ने भारत विरोधी आतंकी साजिश के तहत पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों  को गोपनीय सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के आरोप में जासूस जफर रियाज उर्फ ​​रिजवी को गिरफ्तार किया है। 
कोलकाता निवासी जफर रियाज उर्फ ​​रिजवी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था और उसे घोषित अपराधी (पीओ) घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही थी, तभी उसे हिरासत में ले लिया गया।

जफर रियाज की शादी पाकिस्तानी नागरिक से हुई थी और उसके बच्चे भी पाकिस्तानी नागरिक हैं। आईपीसी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत जासूसी के एक मामले में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका ज़फ़र 2005 से भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार यात्रा कर रहा था।
 ऐसी ही एक यात्रा के दौरान पाकिस्तान के खुफ़िया अधिकारियों (पीआईओ) ने उससे संपर्क किया। धन का प्रलोभन और पाकिस्तानी नागरिकता का वादा करके उसे भारत में जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए राजी किया।
 जफर ने अन्य जासूसी और आतंकी ऑपरेटरों की मदद के लिए एक पीआईओ को भारतीय दूरसंचार मोबाइल नंबरों के वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) दिए ताकि वह व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय कर सके। पीआईओ ने इन अकाउंट्स का इस्तेमाल सीआरपीएफ के एएसआई मोतीराम जाट से गुप्त रूप से संवाद करने के लिए किया, जाट पीआईओ को सुरक्षा संबंधी गुप्त जानकारी पहुंचाता था।
एनआईए ने पिछले साल मई में सीआरपीएफ के एएसआई मोती राम जाट को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई )के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
एनआईए के अनुसार जासूसी रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने और इस साजिश के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।










Tuesday, 19 May 2026

DDA का रिश्वतखोर विजिलेंस अफसर दीपक यादव गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के असिस्टेंट विजिलेंस अफसर दीपक यादव और एमटीएस तरुण को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। 
सीबीआई ने डीडीए के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर  की शिकायत के आधार पर दिल्ली विकास प्राधिकरण के आरोपी असिस्टेंट विजिलेंस अफसर दीपक यादव के खिलाफ 18 मई को मामला दर्ज किया। आरोप है कि असिस्टेंट विजिलेंस अफसर दीपक यादव ने शिकायतकर्ता के खिलाफ विजिलेंस मामले में शिकायतकर्ता के मूल विभाग को अनुकूल जवाब भेजने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद, आरोपी 3 लाख रुपये रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया। 
सीबीआई ने 18 मई को जाल बिछाकर असिस्टेंट विजिलेंस अफसर दीपक यादव को डीडीए के एमटीएस तरुण के माध्यम से रिश्वत की कुल राशि तीन लाख में से आंशिक भुगतान के रूप में 50 हज़ार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

Monday, 18 May 2026

नीट पेपर लीक: आरसीसी कोचिंग का मालिक गिरफ्तार



इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में लातूर (महाराष्ट्र)स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान के मालिक प्रोफेसर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर उर्फ एम सर को गिरफ्तार किया है। ये संस्थान छात्रों को नीट परीक्षा की तैयारी कराता है। इसकी नौ शाखाएं हैं, जिनमें मुख्य शाखा लातूर में है। अदालत ने शिवराज को 9 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। 
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर एनटीए से जुड़े केमिस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी का करीबी हैं। उनके संस्थान और घर पर तलाशी के दौरान केमिस्ट्री का पेपर बरामद हुआ, जिसमें 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के समान प्रश्न थे। इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्या नगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई ने 16 मई को नीट परीक्षा के बायोलॉजी पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली में गिरफ्तार किया। वह नीट परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थी बॉटनी और जूलॉजी के पेपर तक उनकी पूरी पहुंच थी। 15 मई को इस मामले में पुणे से मुख्य आरोपी/ किंगपिन केमिस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया गया। पी.वी. कुलकर्णी, एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे। उनके पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। 14 मई को अहिल्या नगर के धनजंय लोखंडा और पुणे की मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया। 13 मई को जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल बिवाल, विकास और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खेरनार को गिरफ्तार किया। 
सीबीआई की विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की जांच से केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक के वास्तविक स्रोत का पता चला है। इसके अलावा, उन बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया गया है जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे जिन्होंने नीट परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को विशेष कोचिंग कक्षाओं में भेजने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था, जहां उन पर चर्चा और निर्देश दिए जाते थे। 












Saturday, 16 May 2026

182 करोड़ की 227 किलो जिहादी ड्रग कैप्टागॉन बरामद, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़ा एक सीरियाई नागरिक भी गिरफ्तार,हर ग्राम ड्रग पर सख्ती से कार्रवाई करेंगे: अमित शाह

 227 किलो जिहादी ड्रग कैप्टागॉन जब्त
 सीरियाई नागरिक गिरफ्तार

हर ग्राम ड्रग पर सख्ती से कार्रवाई करेंगे: अमित शाह 


खूंखार बनाने वाली जिहादी ड्रग कैप्टागॉन 



इंद्र वशिष्ठ, 
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ऑपरेशन रेजपिल के तहत कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट/पाउडर जब्त किया गया। एजेंसियों ने पहली बार जिहादी ड्रग कैप्टागॉन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये है। सिंडिकेट से जुड़े अवैध रूप से भारत में रह रहे एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया। कैप्टागॉन में मुख्य रूप से फेनेटाइलीन और एम्फेटामाइन पाए जाते हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ हैं।
चपाती मशीन में ड्रग्स-
एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से प्राप्त सूचना के आधार पर एनसीबी ने नई दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र में एक मकान की पहचान की। 11 मई 2026 को मकान की तलाशी के दौरान एक चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम
कैप्टागॉन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सीरियाई नागरिक 15.11.2024 को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसका वीजा 12.01.2025 को समाप्त हो गया और वह अवैध रूप से यहाँ रह रहा था। उसने नेब सराय में मकान किराये पर लिया था।
ऊन की आड़ में ड्रग्स-
आरोपी से पूछताछ के बाद 14 मई 2026 को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलोकैप्टागकैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। इस कंटेनर को भेड़ की ऊन से भरा हुआ बताकर सीरिया से आयात किया गया था। कंटेनर की गहन तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखे गया 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में भेजा जाना था, जहां कैप्टागॉन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। 
कोकीन-
हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी कार्रवाई  में इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की गई थी। यह इस बात को उजागर करता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के लिए व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।
ड्रग के ख़िलाफ़ सख्ती-
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य-पूर्व जा रहे ड्रग की इस खेप को पकड़ना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति के उदाहरण हैं। भारत में आने वाली या हमारे देश को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करके बाहर जाने वाली हर ग्राम ड्रग पर हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे।  
जिहादी ड्रग-  
मध्य-पूर्व देशों के युद्धग्रस्त इलाकों और आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके इस्तेमाल की वजह से इसे जिहादी ड्रग कहा जाता है। इस ड्रग का सेवन करने के बाद इंसान को दर्द, डर या थकान का एहसास कम हो जाता है. यही वजह है कि इसे लड़ाई और हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। कैप्टागॉन एक ऐसा नशा है जो शरीर में जबरदस्त ऊर्जा भर देता है।इसे लेने के बाद इंसान लंबे समय तक जाग सकता है, थकान महसूस नहीं होती, फोकस बढ़ जाता है और दिमाग में एक अलग तरह का जोश और खुशी महसूस होती है। 
मौत का डर खत्म -
सीरिया के एक पूर्व विद्रोही लड़ाके ने बताया था कि युद्ध के दौरान कैप्टागॉन क्यों इतना खतरनाक साबित हुआ। सीरियाई लड़ाके के मुताबिक, ब्रिगेड कमांडर ने हमें यह गोली दी और कहा कि इससे ताकत मिलती है। पहली बार लेने पर लगा कि शरीर में जबरदस्त एनर्जी आ गई है। सामने 10 लोग भी हों तो उन्हें पकड़कर मार सकते हो। नींद नहीं आती, डर खत्म हो जाता है, थकान महसूस नहीं होती। अगर कमांडर कहे कि सैन्य बैरक में घुस जाओ, तो बिना डर के अंदर चले जाओगे। 
इसी वजह से कैप्टागॉन को जिहादी ड्रग भी कहा जाता है। हालांकि यह सिर्फ आईएसआईएस या बंदूक उठा चुके लड़ाकों तक सीमित नहीं है। पूरे मध्य-पूर्व में यह ड्रग काफी लोकप्रिय है, खासकर उन देशों में जहां शरीयत कानून के कारण शराब पर पाबंदी है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कैप्टागॉन 1980 के दशक से ही अमीर और युवा वर्ग के बीच काफी पसंद किया जाता रहा है। इसे लोग पार्टी ड्रग और सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवा के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में हर साल जितनी एम्फेटामाइन ड्रग्स पकड़ी जाती हैं, उनमें से एक-तिहाई सिर्फ सऊदी अरब में बरामद होती है। रिपोर्ट में बताया गया कि सऊदी अरब में नशे की लत का इलाज करा रहे करीब 75 प्रतिशत लोग कैप्टागॉन के आदी हैं।

(इंद्र वशिष्ठ दिल्ली में 1989 से पत्रकारिता कर रहे हैं। दैनिक भास्कर में विशेष संवाददाता और सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।)