Wednesday, 25 February 2026

लालकिला बम धमाके की साज़िश में 2 और आतंकी गिरफ्तार


 लालकिला बम धमाके की साज़िश में 2 और आतंकी  गिरफ्तार 



इंद्र वशिष्ठ, 

लालकिले के सामने हुए फिदायीन कार बम धमाके के मामले में कश्मीर के ज़मीर अहमद अहंगर (गंदरबल) और तुफैल अहमद भट (श्रीनगर) को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। अब इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की  संख्या 11 हो गई है। 
अदालत ने दोनों आरोपियों को दस दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया। एनआईए के अनुसार ये दोनों आरोपी बम धमाके से जुड़ी साज़िश में सक्रिय रूप से शामिल थे। जांच में पता चला है कि इन दोनों ने बम धमाके के मुख्य आरोपी को हथियार सप्लाई किए थे।
एनआईए ने जांच में पाया कि ज़मीर अहमद और तुफैल अहमद अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद,  आतंकी संगठन के एक्टिव ओवर ग्राउंड वर्कर  हैं।
एनआईए की जांच से यह भी पता चला है कि ज़मीर और तुफैल बम धमाके की साज़िश और कई दूसरी आतंकी साज़िशों का भी हिस्सा थे। पूरी जांच और सबूतों की जांच के बाद यह भी पाया है कि वे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने में लगे हुए थे।
तुफैल अहमद भट्ट पेशे से एक एसी, टेक्नीशियन है। जांच में सामने आया है कि तुफैल ही वह शख्स है जिसने वह एके -47 राइफल मुहैया कराई थी जो पहले अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एक आरोपी डॉक्टर के लॉकर से बरामद हुई थी। 
एनआईए की जांच के मुताबिक, दिल्ली धमाके की साज़िश फिदायीन डाक्टर उमर उन नबी ने दूसरे आरोपियों डाक्टर मुज़म्मिल शकील गनी, डाक्टर शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफ़ान, डाक्टर आदील अहमद राथर और पांच दूसरे लोगों के साथ मिलकर रची थी, जिन्होंने मुख्य साज़िश करने वालों को पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। इन नौ लोगों को पहले कश्मीर और हरियाणा में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया था।
लाल किले के सामने 10 नवंबर 2025 को हुए बम धमाके में 12 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। मुख्य आरोपी, उमर उन नबी भी इस जानलेवा धमाके में मारा गया था 

इस मामले में फिदायीन उमर के 9 अन्य प्रमुख सहयोगियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में यासिर अहमद डार को एनआईए ने 18 दिसंबर को गिरफ्तार किया। यासिर अहमद फिदायीन बनने की ठान चुका था। आत्मघाती हमले को अंजाम देने की वह कसम भी खा चुका था।
श्रीनगर(कश्मीर) के शोपियां का रहने वाला  यासिर अहमद डार इस मामले में गिरफ्तार होने वाला नौवां व्यक्ति है। उसे एनआईए ने  नई दिल्ली से पकड़ा। एनआईए की जांच में यासिर की उस  साजिश में सक्रिय भूमिका का पता चला है, जिसके तहत 10 नवंबर को लालकिले के सामने कार बम धमाका हुआ था।
 इस साजिश मे सक्रिय रूप से शामिल यासिर ने  निष्ठा की शपथ ली थी और आत्मबलिदान वाले अभियानों को अंजाम देने की कसम खाई थी।‌एनआईए की जांच में यह भी पता चला है कि यासिर इस मामले में अन्य आरोपियों के साथ करीबी संपर्क में था, जिसमें फिदायीन डाक्टर उमर उन नबी ( बम धमाके को अंजाम देने वाला ) और मुफ्ती इरफान शामिल हैं। 
दिसंबर की  शुरुआत में, एनआईए  ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में कई आरोपियों और संदिग्धों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली थी और विभिन्न डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की थी।
इससे पहले, मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील गनी और महिला डॉ. शाहीन सईद के फरीदाबाद (हरियाणा) में अल फलाह यूनिवर्सिटी कॉम्प्लेक्स और अन्य जगहों पर भी इसी तरह की तलाशी ली गई थी।

आतंकी हमले की साज़िश में शामिल फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े बारामूला (जम्मू-कश्मीर) निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को एनआईए ने 9 दिसंबर को गिरफ्तार किया। दिल्ली स्थित एनआईए के मुख्यालय में पूछताछ के बाद डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को गिरफ्तार किया गया। 
एनआईए की जांच के अनुसार, बिलाल ने जानबूझकर फिदायीन हमलावर डाक्टर उमर उन नबी को पनाह दी और सामान आदि से भी उसकी सहायता की। डॉ. बिलाल नसीर मल्ला पर आतंकवादी हमले से संबंधित सबूतों को नष्ट करने का भी आरोप है। 
फिदायीन हमले से ठीक पहले आतंकवादी डाक्टर उमर उन नबी को शरण देने के आरोप में फरीदाबाद निवासी शोएब को एनआईए ने 26 नवंबर को गिरफ्तार किया था। एनआईए की जांच से पता चला है कि उसने 10 नवंबर को राजधानी में लाल किले के बाहर हुए कार बम विस्फोट से पहले आतंकवादी उमर को रसद/ सामान आदि सहायता भी प्रदान की थी। 
बताया जाता है कि जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल को दबोचा तो उमर गायब हो गया। उमर नबी के छिपने की व्यवस्था शोएब ने ही की। उसने डॉक्टर उमर को अपनी रिश्तेदार के घर कमरा दिलवाया। यहां उमर दिल्ली धमाके से पहले (10 नवंबर) तक किराए पर रहा था। यहीं से उसने  दिल्ली जाकर धमाका किया था।


No comments:

Post a Comment