Thursday, 30 May 2024

मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को उम्रकैद की सज़ा, होटल मालिक की हत्या का मामला


अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को उम्रकैद की सज़ा



इंद्र वशिष्ठ, 
मुंबई की मकोका कोर्ट के विशेष न्यायधीश ए एम पाटिल ने वीरवार को होटल व्यवसायी जय शेट्टी की हत्या के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन राजेन्द्र सदाशिव निखलजे उर्फ छोटा राजन को उम्रकैद और 16 लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई है। 
होटल में गोली मारी-
मुंबई में होटल गोल्डन क्राउन के मालिक जय शेट्टी की रंगदारी देने से इंकार करने पर 4 मई 2001 में होटल परिसर में दो गुंडों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। शुरू में गामदेवी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

मुंबई पुलिस ने विशेष मकोका कोर्ट के समक्ष तीन आरोपी व्यक्तियों 1) अजय सुरेश मोहिते उर्फ ​​अजय सूरजभान श्रेष्ठ उर्फ ​​अजय नेपाली उर्फ ​​चिकना, 2) प्रमोद उर्फ ​​बाला रमेश डोंडे और 3) राहुल पानसरे के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। उक्त आरोप पत्र में, चार आरोपी व्यक्तियों यानी राजेंद्र सदाशिव निखलजे उर्फ ​​छोटा राजन, हेमंत रमना पुजारी, कुंदन सिंह नरसिंह रावत और समीर अशोक मानेक को वांछित आरोपी के रूप में दिखाया गया था। बाद में वांछित अभियुक्त कुन्दन सिंह नरसिंह रावत पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक अन्य वांछित आरोपी समीर अशोक मानेक को गिरफ्तार कर लिया गया। 
जांच अपने हाथ में लेने के बाद, सीबीआई ने 28.02.2019 को अदालत के समक्ष आरोपी राजेंद्र सदाशिव निखलजे उर्फ ​​छोटा राजन के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया। आरोपी हेमंत पुजारी उर्फ ​​रवि पुजारी को वांछित आरोपी के रूप में दिखाया गया था। 

छोटा राजन ने हत्या कराई-
जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर, सीबीआई बिना किसी संदेह के यह साबित करने में सफल रही, कि होटल मालिक जय शेट्टी की हत्या का जघन्य अपराध संगठित अपराध सिंडिकेट के प्रमुख के रूप में आरोपी छोटा राजन के निर्देश पर किया गया था।
इसके अलावा मुकदमे के दौरान, बिना किसी डर के गवाह की गवाही सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए। चूंकि पीड़ित जया शेट्टी और उनके बेटे द्वारा छोटा राजन और उसके गिरोह के सदस्यों से प्राप्त जबरन वसूली के लिए धमकी भरे कॉल के संबंध में मुंबई के विभिन्न पुलिस अधिकारियों के पास दायर की गई मूल शिकायतें उपलब्ध नहीं थीं, इसलिए माननीय उच्च न्यायालय में दायर की गई इसकी प्रमाणित प्रतियों को  प्राप्त कर लिया गया और उसे अदालत में साबित भी कर दिया गया।
पत्रकार की हत्या में  उम्रकैद-
छोटा राजन से संबंधित यह सीबीआई द्वारा जांच किया गया दूसरा मामला है, जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इससे पहले साल 2018 में सीबीआई द्वारा जांच किए गए मिड डे के क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे की जून 2011 में हुई हत्या के मामले में  छोटा राजन को  उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. इसके अलावा छोटा राजन को जबरन वसूली और हत्या के प्रयास से संबंधित सीबीआई द्वारा जांच किए गए तीन अन्य मामलों में भी 10 साल, 8 साल और 2 साल के कठोर कारावास  की सजा सुनाई गई थी।
इंडोनेशिया से लाए-
साल 2015 में छोटा राजन को इंडोनेशिया से प्रत्यर्पण करा कर भारत लाया गया। 
राजन विभिन्न आपराधिक मामलों के सिलसिले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। इंडोनेशिया से प्रत्यर्पित किये जाने के बाद से ही वह जेल में है। 
अपराध के 71 मामले-
छोटा राजन से संबंधित 71 मामले जांच के लिए सीबीआई को सौंपें गए थे, जिसमें होटल व्यवसायी जय शेट्टी की हत्या से संबंधित मामला भी शामिल था।
दाऊद का दुश्मन नंबर वन-
दाऊद गिरोह से दुश्मनी के कारण छोटा राजन को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। छोटा राजन दाऊद गिरोह (डी-कंपनी) का सदस्य रह चुका है। मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद सांप्रदायिक आधार पर वह दाऊद से अलग हो गया था।
दाऊद गिरोह का मानना है कि छोटा राजन उसके खिलाफ मुखबिरी कर भारतीय जांच एजेंसियों की मदद करता है।
दाऊद का गुंडा अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील  अपने दुश्मन छोटा राजन की हत्या की कोशिश में लगातार लगा रहता है। 
साल 2000 में बैंकॉक में छोटा राजन पर जानलेवा हमला किया गया था। गोलियां लगने के बाद भी छोटा राजन बच गया था। इस खूनी गैंगवार में छोटा राजन भी दाऊद के कई गुंडों की हत्या करा चुका है।
इसी लिए तिहाड़ जेल में राजन को अत्यंत उच्च सुरक्षा वाले जेल में रखा गया है। जिसकी 24 घंटे रखवाली खासतौर से  पुलिस के जवान करते हैं.







एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार को धमकी देने वाले गिरफ्तार।

  मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार


इंद्र वशिष्ठ
एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों आदि के साथ 13 मई को मारपीट करने, धमकी देने और खोखा लगाने/ कब्जा करने की कोशिश करने वाले आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 आई पी इस्टेट थाना पुलिस के अनुसार इस मामले में सत्यनारायण पाराशर उर्फ मोनू सुपुत्र मंगल निवासी  खरखौदा हरियाणा, सुनील कुमार (बाबा चाय बार वाला) पुत्र इंद्र जीत निवासी जटवाडा  सोनीपत, मोहित पुत्र महेंद्र निवासी खरांती माजरा, रोहतक और दीपांशु पुत्र मनोज निवासी सोनीपत  को गिरफ्तार किया गया है। मोनू पेशे से दर्जी है। सुनील खुद को पुलिस वाले का बेटा बताता है
पुलिस के अनुसार 20 मई को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को बाद में जमानत/ पाबंद/बाउंड डाउन पर छोड़ दिया गया।
13 मई को उपरोक्त ने जबरन अस्पताल की जमीन पर कब्जा करने/ खोखा  लगाने की कोशिश की थी।
अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार और सुरक्षा कर्मियों आदि के साथ मारपीट की और धमकी भी दी। 
अस्पताल प्रशासन ने पुलिस बुला ली। कब्जा करने की कोशिश करने वाले सत्यनारायण उर्फ मोनू  निवासी खरखौदा, हरियाणा, सुनील कुमार निवासी जटवाडा सोनीपत, दीपांशु और मोहित को पुलिस चौकी में ले गई और पूछताछ के बाद रात को उन्हें छोड़ दिया। 
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर कानून एवं व्यवस्था रवींद्र यादव की जानकारी में मामला आने के बाद 15 मई को आई पी एस्टेट थाना पुलिस ने कब्जा करने की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। 
अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार आठ- दस गुंडों ने अस्पताल प्रशासन द्वारा गेट नंबर चार पर दो दुकानों के बीच की खाली जगह में लगाए गई लोहे की टीन की घेराबंदी /बैरीकेडिंग को तोड़ कर वहां पर कब्जा करने/खोखा लगाने की कोशिश की। कब्जा करने वालों के साथ एक वकील भी था। कब्जा करने की कोशिश करने वालों ने अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाक्टर सुरेश कुमार को भी धक्का देने की कोशिश की और धमकाया भी।