Wednesday, 13 March 2024

वेलकम थाने का सिपाही रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार : सीबीआई


दिल्ली पुलिस का सिपाही रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार : सीबीआई



इंद्र वशिष्ठ, 
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दिल्ली पुलिस के
उत्तर पूर्वी जिला के वेलकम थाना के सिपाही प्रदीप चौधरी को गिरफ्तार किया है। 

सीबीआई के अनुसार न्यू जाफराबाद निवासी डबल्यू ए अंसारी की शिकायत के आधार पर
वेलकम थाना इलाके में जनता कालोनी पुलिस बूथ पर तैनात सिपाही प्रदीप चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के परिवार की तीन बसें हैं। ये बस दिल्ली-उत्तर प्रदेश के बीच चलती हैं। शिकायतकर्ता जाफराबाद मेट्रो स्टेशन से यात्रियों को अपनी बस में बिठाता है। सिपाही प्रदीप ने बसों को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर खड़ा करने देने की एवज़ में प्रति बस पांच हज़ार रुपए प्रति माह के हिसाब से पंद्रह हज़ार रुपए प्रति महीना रिश्वत मांगी। परस्पर बातचीत के पश्चात, सिपाही प्रदीप ने माँगी गई रिश्वत की राशि को कम करके 13 हज़ार रुपए कर दिया। सीबीआई ने आरोप के सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया। 
सीबीआई ने 12 मार्च की शाम को जाल बिछाया एवं सिपाही प्रदीप को शिकायतकर्ता से 13 हज़ार रुपए की रिश्वत स्वीकार करने के दौरान रंगे हाथ पकड़ा।  
सिपाही के परिसर में तलाशी भी ली गई।





Thursday, 7 March 2024

मानव तस्करों ने नौकरी का झांसा देकर रूस के युद्ध में झोंक दिया



मानव तस्करों ने नौकरी का झांसा देकर रूस के युद्ध में झोंक दिया



इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने आकर्षक नौकरियों की आड़ में भारत के युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में झोंक देने वाले मानव तस्करों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
ये मानव तस्कर देश भर में एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया , यूट्यूब चैनलों और अपने स्थानीय संपर्कों/एजेंटों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को रूस में उच्च वेतन वाली नौकरियों का लालच देकर फंसा रहे थे। इसके बाद, तस्करी करके लाए गए भारतीय नागरिकों को लड़ाके/लड़ाकू के रूप में यानी युद्ध में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया। उनको उनकी इच्छा के विरुद्ध रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में अग्रिम ठिकानों पर तैनात किया गया, जिससे उनका जीवन गंभीर खतरे में पड़ गया। यह पता चला है कि युद्ध क्षेत्र में कुछ पीड़ित गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
सीबीआई द्वारा इस सिलसिले में 07 शहरों‌ दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, मुंबई, अंबाला, चंडीगढ़, मदुरै और चेन्नई में 13 से अधिक स्थानों पर तलाशी/छापेमारी की गई।
सीबीआई ने मैसर्स 24×7 आरएएस ओवरसीज़ फॉउण्डेशन, केजी मार्ग, नई दिल्ली के डायरेक्टर सुयश मुक्त, मुंबई की मैसर्स ओएसडी ट्रैवल एंड वीज़ा सर्विस के डायरेक्टर राकेश पांडेय, चंडीगढ़ की मैसर्स एडवेंचर वीज़ा सर्विस के डायरेक्टर मंजीत सिंह और दुबई की बाबा वलॉग ओवरसीज़ रिक्रूटमेंट सोल्युशन कंपनी के डायरेक्टर फैसल अब्दुल मुतलीब खान उर्फ बाबा तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई द्वारा अब तक  50 लाख रुपये, आपत्तिजनक दस्तावेज और लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप, सीसीटीवी फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड आदि जब्त किए गए। विभिन्न स्थानों पर पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
 अब तक पीड़ितों को विदेश भेजे जाने के लगभग 35 मामले स्थापित हो चुके हैं।
आम जनता से अपील है कि वे संदिग्ध भर्ती एजेंसियों और एजेंटों द्वारा नौकरियों के ऐसे झूठे वादों के झांसे में न आएं।



Tuesday, 5 March 2024

लश्कर ए तोएबा द्वारा जेल में कैदियों को‌ आतंकी बनाने के मामले में 7 राज्यों में छापेमारी :एनआईए

जेल में कैदियों को आतंकी बनाने के मामले में 7 राज्यों में छापेमारी : एनआईए



इंद्र वशिष्ठ, 
नई दिल्ली, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने
बेंगलुरु की जेल में कैदियों को आतंकवादी /कट्टरपंथी बनाए जाने के मामले में मंगलवार को 7 राज्यों में 17 ठिकानों पर छापेमारी की। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल में छापेमारी में 25 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 4 स्टोरेज डिवाइस, दस्तावेज, भारतीय और  विदेशी मुद्रा बरामद हुई। 
एनआईए ने मंगलुरु में संदिग्ध नाविद, बेंगलुरु में सैय्यद खली, दक्षिण कन्नड़ में बीजू , पश्चिम बंगाल, दक्षिण 24 परगना में मयूर चक्रबर्ती, गुरदासपुर, पंजाब में नवजोत सिंह, मेहसाणा गुजरात में हार्दिक कुमार, अहमदाबाद में कर्ण कुमार, कासरगोड केरल में जॉनसन, रामनाथपुरम्, तमिलनाडु में मुश्ताक अहमद सातिकाली, मुबिथ और चेन्नई में हसन अली बासम के ठिकानों पर छापे मारे। 
बेंगलुरु की जेल में बंद लश्कर ए तोएबा के आतंकवादी टी नासिर पर आरोप है कि वह  जेल के अंदर भी कैदियों को आतंकी बनाने में लगा हुआ था।
बेंगलुरु की जेल में हथियार और वॉकी टॉकी मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने जुलाई 2023 में मामला दर्ज किया था। जेल से 7 पिस्तौल, 4 हथगोले और 45 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
एनआईए 25 अक्टूबर 2023 से इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी ने 12 जनवरी 2024 को फरार आरोपी जुनैद अहमद और सलमान खान सहित आठ लोगों के खिलाफ  आरोप पत्र दायर किया था। जांच से पता चला कि भगोड़ों ने लश्कर की गतिविधियों को बढ़ावा देने और गुमनाम रूप से विभिन्न व्यक्तियों तक धन पहुंचाने के लिए भारत भर में व्यक्तियों का एक नेटवर्क स्थापित किया था।
इस मामले में अब तक कुल छह गिरफ्तारियां हुईं हैं। लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी टी. नासिर इस मामले में जुनैद अहमद के साथ आरोपी है। नासिर ने बेंगलुरु की केंद्रीय जेल में पांच लोगों को कट्टरपंथी बनाया था।
 नासिर केरल के कन्नूर का रहने वाला है। साल 2013 से ही वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वहीं इस मामले में आरोपी जुनैद अहमद और सलमान खान विदेश भाग गए। इन दोनों को नासिर ने जेल में ही आतंकी बना दिया था। इसके अलावा भी कई कैदी नासिर के संपर्क में थे। इसमें सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिव तबरेज, सैयद मुदासिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी का नाम शामिल है। 
एनआईए को जांच में पता चला कि नासिर किसी तरह से इन कैदियों को अपने बैरक में शिफ्ट करवाता था। इसके बाद उनको बरगला कर आतंकी बनाने में जुट जाता था। इसके बाद इन लोगों को भी और लोगों को लश्कर में शामिल करवाने के लिए तैयार कर देता था। जुनैद जेल से छूटने के बाद कुछ और अपराधों में भी शामिल हुआ और फिर विदेश भाग गया। जानकारी के मुताबिक वह विदेश से लश्कर का आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग करता है। इसके अलावा सलमान के साथ मिलकर वह हथियार और गोला बारूद सप्लाई करवाता है ताकि आत्मघाती हमले करवाए जा सकें।



Sunday, 3 March 2024

एनएचएआई के जीएम, डीजीएम और एक निजी कंपनी के दो निदेशकों सहित छह व्यक्ति गिरफ्तार ,1.10 करोड़ रुपए बरामद :CBI



सीबीआई ने 20 लाख रुपए की घूसखोरी में एनएचएआई के जीएम, डीजीएम और एक निजी कंपनी के दो निदेशकों सहित छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 1.10 करोड़ रुपए बरामद



इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने  20 लाख रुपए की घूसखोरी के मामले में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, इसमें एनएचएआई के दो अधिकारी, जिसमे से एक महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, नागपुर (रिश्वत लेने वाला) तथा दूसरा, उप महाप्रबंधक व  परियोजना निदेशक, एनएचएआई, हरदा (एमपी) के साथ एक निजी कंपनी के दो निदेशक तथा दो कर्मचारी शामिल हैं। अब तक रिश्वत की राशि सहित लगभग 1.10 करोड़ रुपए का नकद बरामद/जब्त किया गया है।

सीबीआई द्वारा एनएचएआई  पीआईयू, नागपुर के  महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक अरविंद काले, एनएचएआई, हरदा, एमपी के उप महाप्रबंधक व  परियोजना निदेशक बृजेश कुमार साहू, बंसल कंस्ट्रक्शन वर्क्स  के निदेशक अनिल बंसल, कुणाल बंसल , कर्मचारी सी कृष्णा (रिश्वत देने वाला) और छतर सिंह लोधी को गिरफ्तार किया गया है। 

सीबीआई ने एनएचएआई के चार लोक सेवकों, भोपाल स्थित  निजी कंपनी, उक्त निजी कंपनी के दो निदेशकों एवं कर्मचारियों सहित पांच निजी व्यक्तियों व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध  मामला दर्ज किया, जिसमे आरोप है कि  भोपाल स्थित उक्त निजी कंपनी के निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आवंटित  की गई विभिन्न सड़क परियोजनाओं में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने, बिलों पर कार्यवाही करने, आवंटित कार्यों की सुचारू प्रगति आदि के बदले में अपने कर्मचारियों के माध्यम से एनएचएआई के सरकारी अफसरों को रिश्वत पहुंचाते रहे हैं।  
आरोप है कि उक्त निजी कंपनी के कर्मचारी,  नागपुर व मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सरकारी अफसरों को रिश्वत पहुंचाते हैं।  प्रोजेक्ट आउटर रिंग रोड़ हेतु  उक्त कंपनी का एक कर्मचारी, लंबित बिलों पर कार्यवाही और  पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने सहित लंबित मामलों को निपटाने हेतु महाप्रबंधक व  परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, नागपुर के साथ नियमित संपर्क में है। 
 आरोप है कि 25 लाख रु. की रिश्वत राशि,  उक्त महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, नागपुर को पहुंचाई जाने की संभावना थी।

सीबीआई ने जाल बिछाया एवं उक्त निजी कंपनी के कर्मचारी द्वारा एनएचएआई के उक्त महाप्रबंधक व  प्रोजेक्ट मैनेजर को 20 लाख रुपए  की रिश्वत देने के बाद, दोनों को पकड़ लिया।


नागपुर, भोपाल व  हरदा सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित आरोपियों के  कार्यालयों और आवासों पर तलाशी ली जा रही है।  अन्य आपत्तिजनक दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों आदि के साथ अब तक ट्रैप मनी सहित 1.10 करोड़ रुपए (लगभग) नकद बरामद/जब्त किए गए हैं।



Saturday, 2 March 2024

आरएसएस नेता की हत्या का साजिशकर्ता गिरफ्तार : एनआईए

आरएसएस नेता की हत्या का साजिशकर्ता गिरफ्तार : एनआईए



इंद्र वशिष्ठ, 
 राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरएसएस नेता आर. रुद्रेश की हत्या के मामले में फरार मुख्य साज़िशकर्ता 
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है
एनआईए की टीम ने अभियुक्त गौस नयाजी को तंजानिया के दार-ए-सलाम से आगमन पर मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया। फरार आरोपी के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद एनआईए की टीम हवाई अड्डे पर उसका इंतजार कर रही थी।

बेंगलुरु के शिवाजीनगर के  प्रमुख आरएसएस नेता रुद्रेश की 16 अक्टूबर 2016 को अब प्रतिबंधित पीएफआई के चार सदस्यों द्वारा हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच से पता चला था कि हत्या एसडीपीआई हेब्बल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष गौस नयाजी और एक अन्य असीम शेरिफ द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
इन दोनों ने आरएसएस के सदस्यों और समाज में आतंक पैदा करने के इरादे से अन्य चार आरोपियों को रुद्रेश की हत्या करने के लिए प्रेरित किया था। हत्यारों को यह विश्वास दिलाया गया कि आरएसएस के खिलाफ लड़ाई एक 'पवित्र युद्ध' है।

गौस की गिरफ्तारी के साथ ही मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है शेष आरोपियों के खिलाफ एनआईए विशेष अदालत, बेंगलुरु में मुकदमा जारी है।

Wednesday, 28 February 2024

मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू-कश्मीर (सुमजी गुट) और (भट गुट) गैर कानूनी संगठन घोषित



मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू-कश्मीर (सुमजी गुट) और (भट गुट) गैर कानूनी संगठन घोषित



इंद्र वशिष्ठ, 
सरकार ने मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (सुमजी गुट) और मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (भट गुट) को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 3 के तहत तत्काल प्रभाव से 5 वर्ष के लिए गैर कानूनी संगठन घोषित कर दिया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकी संगठनों पर कठोर प्रहार करते हुए सरकार ने मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (सुमजी गुट) और मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (भट गुट) को गैर कानूनी संगठन घोषित कर दिया है। ये संगठन देश की संप्रभुता और अखंडता के विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। सरकार आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध है और ग़ैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त हर व्यक्ति को कठोर परिणाम भुगतने होंगे।
मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (सुमजी गुट) और मुस्लिम कॉन्फ्रेन्स जम्मू और कश्मीर (भट गुट) जम्मू और कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए वहां गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल है और आतंकी गतिविधियों का समर्थन करते हैं, 
कश्मीर में अलगाववाद को प्रोत्साहन और सहायता देने में शामिल रहे हैं, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है। 
इन दोनों संगठनों और उसके सदस्यों के खिलाफ  गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 सहित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।


एनसीबी, नौसेना ने हिंद महासागर में 3300 किलो ड्रग्स पकड़ी



एनसीबी,नौसेना ने हिंद महासागर में 3300 किलो ड्रग्स पकड़ी



इंद्र वशिष्ठ, 
एनसीबी, नौसेना और एटीएस गुजरात पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में, हिंद महासागर में लगभग 3300 किलो ग्राम ड्रग्स की एक विशाल खेप जब्त की है। यह देश में मात्रा के हिसाब से समुद्र में सबसे अधिक जब्ती है। इस मामले में पांच संदिग्ध विदेशी नागरिकों को  गिरफ्तार किया गया है। जिनका पाकिस्तान से संबद्ध होने का संदेह है।
जब्त किए गए मादक पदार्थ में 3110  किलोग्राम चरस/हशीश, 158.3 किलोग्राम क्रिस्टलीय पाउडर मेथ और 24.6 किलोग्राम हेरोइन है। 
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑपरेशन ब्रांच को एक विश्वसनीय स्रोत से जानकारी मिली थी कि मछली पकड़ने वाली एक विदेशी नौका 3000 किलोग्राम से अधिक नारकोटिक्स पदार्थ और 5-7 विदेशी नागरिकों के साथ भारतीय जल क्षेत्र में आ रहा है। 
यह भी ज्ञात हुआ कि तमिलनाडु की ओर से आने वाली इस मछली पकड़ने वाली नौका द्वारा 27 फरवरी, 2024 को भारतीय जल सीमा के भीतर एक निश्चित बिंदु पर संदिग्ध प्रतिबंधित सामग्री को पहुंचाया जाएगा।
इस जानकारी के आधार पर ऑपरेशन "सागर मंथन-1" को लॉन्च किया गया। इस ऑपरेशन के लिए एनसीबी, नौसेना और गुजरात एटीएस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। नौका पर नियंत्रण के लिए, एनसीबी द्रारा भारतीय नौसेना से सहायता का अनुरोध किया। 
भारतीय नौसेना की मदद से एनसीबी और गुजरात एटीएस की संयुक्त टीम ने 27 फरवरी की सुबह एक संदिग्ध नौका को रोका। आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भारतीय युद्धपोत द्वारा नौका और चालक दल को पोरबंदर ले जाया गया। 
05 विदेशी नागरिकों, जिनके पास कोई पहचान दस्तावेज नहीं थे, को गिरफ्तार किया गया है। मादक पदार्थ ले जा रही नौका के साथ एक थुराया  और 04 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। मादक पदार्थ की पैकेजिंग सामग्री पर "रास अवाद फूड्स कंपनी, पाकिस्तान का उत्पादन" प्रिंट पाया गया।
इस अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का समूल भंडाफोड़ करने के लिए जांच जारी है।