इंद्र वशिष्ठ,
लाल किले के सामने हुए कार बम विस्फोट मामले में एनआईए ने फिदायीन हमलावर डाक्टर उमर के एक और प्रमुख सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। जसीर से पूछताछ में पता चला कि आतंकवादी हमलों के लिए ड्रोनों और रॉकेट का भी इस्तेमाल करने का इरादा था।
नरसंहार की साज़िश-
एनआईए के अनुसार जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश इस हमले का सक्रिय सह-साजिशकर्ता था और उसने आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर इस आतंकी नरसंहार की योजना बनाई थी।
ड्रोन-रॉकेट-
एनआईए की जाँच से पता चला है कि जसीर ने कार बम विस्फोट से पहले कथित तौर पर ड्रोनों में बदलाव करके और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
फिदायीन बनने से इंकार -
राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएट जसीर वानी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसे आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने कई महीनों तक उसका ‘ब्रेनवॉश’ किया। वह पिछले वर्ष अक्टूबर में कुलगाम की एक मस्जिद में ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया।
वानी को पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था और पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि मॉड्यूल के अन्य लोग उसे प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवर-ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) बनाना चाहते थे, जबकि उमर कई महीनों से उसका ब्रेनवॉश कर आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर रहा था।
इस्लाम में आत्महत्या पर रोक-
उमर की यह कोशिश इस साल अप्रैल में उस समय नाकाम हो गई जब वानी ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और इस्लाम में आत्महत्या को निषिद्ध मानने का हवाला देते हुए इससे इंकार कर दिया था।
आत्मघाती हमलावर बनाने की मुहिम की साजिश जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क की जांच में एक खतरनाक आयाम जोड़ती है।
उमर में बदलाव-
जम्मू-कश्मीर पुलिस को वानी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उमर में बदलाव साल 2021 में सह-आरोपी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई के साथ तुर्किये की यात्रा के बाद आया, जहां दोनों कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के ओजीडब्ल्यू से मिले थे।
केमिकल एकत्र-
तुर्किये की यात्रा के बाद, अल फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले उमर और गनई ने खुले बाजार से भारी मात्रा में रसायन इकट्ठा करना शुरू कर दिया, जिसमें 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थे, जिनमें से अधिकांश को विश्वविद्यालय परिसर के पास संग्रहीत किया गया था।
6 दिसंबर को हमला-
उसने बताया कि छह दिसंबर को हमले की साजिश श्रीनगर पुलिस की सावधानीपूर्वक जांच के बाद नाकाम हो गई क्योंकि इस पूछताछ के बाद गनई की गिरफ्तारी हुई और विस्फोटक जब्त कर लिए गए। इससे उमर संभवत: घबरा गया और अंततः लाल किले के बाहर हुए ‘आत्मघाती हमले’को अंजाम दिया।
कार मालिक गिरफ्तार-
एनआईए ने इसके पहले रविवार को कश्मीरी आमिर राशिद अली को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा निवासी आरोपी आमिर राशिद अली ने आत्मघाती हमलावर डाक्टर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी। बम विस्फोट के लिए इस्तेमाल कार फरीदाबाद से आमिर के नाम से ही खरीदी गई थी
एनआईए ने उमर से संबंधित एक अन्य वाहन भी ज़ब्त कर किया। इस मामले में साक्ष्य के लिए वाहन की जांच की जा रही है।
एनआईए बम विस्फोट के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
आतंकवाद-रोधी एजेंसी की कई टीमें विभिन्न सुरागों का पता लगा रही हैं और आतंकी हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान के लिए विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
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