Wednesday, 19 November 2025

CGHS के एडिशनल डायरेक्टर से 29 लाख रुपये, 50 लाख के जेवरात बरामद, आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज


इंद्र वशिष्ठ, 
सीबीआई ने डाक्टर अजय कुमार एडिशनल डायरेक्टर, सीजीएचएस, मेरठ, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति (डीए) का मामला 18 नवंबर को दर्ज किया है। आरोप है कि डाक्टर अजय कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर अवैध रूप से धन और संपत्ति अर्जित करके खुद को समृद्ध बनाया है।
एडिशनल डायरेक्टर गिरफ्तार, 50 लाख मांगे-
सीबीआई ने इस साल 12 अगस्त को मेरठ में तैनात सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी और उनके निजी साथी रईस अहमद को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार ने दो निजी अस्पतालों जेएमसी मेडिसिटी और हाई फील्ड अस्पताल को सीजीएचएस की सूची से हटा देने की धमकी दे कर 50 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। 
50 लाख के जेवरात बरामद -
सीबीआई ने डाक्टर अजय कुमार के आवास और बैंक लॉकरों की भी तलाशी ली। तलाशी में आरोपी के परिसर/लॉकर से 29.50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा, आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति के दस्तावेज और म्यूचुअल फंड और शेयर बाजारों में भारी निवेश का विवरण प्राप्त हुआ है।
दो करोड़ से ज्यादा की धन संपत्ति-
प्रथम दृष्टया यह पता चला कि डाक्टर अजय कुमार ने सीएमओ, सीजीएचएस मेरठ, यू.पी. के रूप में कार्य करते हुए 01.04.2020 से 13.08.2025 की अवधि के दौरान खुद को अवैध रूप से समृद्ध किया और उसके पास 2,06,31,845/- रुपये के आर्थिक संसाधन हैं, जो उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है, जिसका वह संतोषजनक हिसाब नहीं दे सकता है।
पैनल से हटाने की धमकी-
सीबीआई ने 12.08.2025 को मेरठ, उत्तर प्रदेश के एक निजी अस्पताल समूह के निदेशक संचालन विशाल सलोनिया की शिकायत पर मेरठ में तैनात सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। 
 शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 08.07.2025 को सीजीएचएस टीम, मेरठ द्वारा उसके दो अस्पतालों जेएमसी मेडिसिटी और हाई फील्ड अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया और उसके बाद, अस्पतालों से रिश्वत वसूलने के इरादे से दोनों अस्पतालों को मामूली कमियों को उजागर करते हुए नोटिस दिए गए। आरोपियों ने अस्पतालों को सीजीएचएस पैनलबद्ध अस्पतालों की सूची से न हटाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
पैनल निलंबित-
रिश्वत नहीं देने पर जेएमसी मेडिसिटी अस्पताल का पैनल निलंबित कर दिया। इसके बाद हाई फील्ड अस्पताल का भी पैनल निलंबित करने की धमकी दी।
एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी ने अस्पतालों को पैनल से हटाने से बचने के लिए जल्द से जल्द 50 लाख रुपये की रिश्वत राशि देने पर जोर दिया था। बातचीत के बाद,एडिशनल डायरेक्टर अजय कुमार 12.08.2025 को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत राशि की पहली किस्त) का आंशिक भुगतान स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया। 
रंगेहाथ गिरफ्तार-
सीबीआई ने जाल बिछाया और सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर डाक्टर अजय कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेंट लवेश सोलंकी और उनके निजी साथी रईस अहमद को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत की पहली किस्त) के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।



No comments:

Post a Comment