Tuesday, 30 June 2026

504 करोड़ ₹ के गबन में दो बैंक अधिकारी गिरफ्तार

504 करोड़ ₹ के गबन में दो बैंक अधिकारी गिरफ्तार


इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने हरियाणा सरकार के 504 करोड़ रुपये के सरकारी धन/ फंड गबन मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन एरिया हेड शमीम डार तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, मोहाली शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर चरणजीत सिंह रंधावा को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के अनुसार जांच में सामने आया कि दोनों बैंक अधिकारियों ने अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बैंक खाते खुलवाने और उनके माध्यम से धोखाधड़ीपूर्ण वित्तीय लेनदेन कराने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं खातों के जरिए सरकारी धन को अवैध रूप से दूसरी जगह भेजा गया।  
यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों के 504 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है। आरोप है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में सरकारी विभागों के अतिरिक्त धन को फर्जी एवं अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और फर्जी डेबिट नोट तैयार कर गबन किया गया तथा बाद में यह राशि शेल कंपनियों और फर्जी संस्थाओं के खातों में भेज दी गई।
2 आईएएस गिरफ्तार-
सीबीआई द्वारा हरियाणा के स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के 60.54 करोड़ रुपये का गबन करने वाले पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईएएस पंकज अग्रवाल और पंचकूला नगर निगम के पूर्व कमिश्नर आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को 79.46 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन अफसर, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
सीबीआई  चंडीगढ़  से जुड़े दो अन्य मामलों चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड /नगर निगम चंडीगढ़ तथा सीआरईएसटी चंडीगढ़ की जांच भी कर रही है। इन दोनों मामलों में भी आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।  सीएससीएल मामले में पांच बैंक अधिकारियों, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है, जबकि सीआरईएसटी मामले में पांच बैंक अधिकारियों, दो सीआरईएसटी अधिकारियों, चार निजी व्यक्तियों और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। सीआरईएसटी मामले में भारतीय वन सेवा के अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है


No comments:

Post a Comment