इंद्र वशिष्ठ,
दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा। सीबीआई ने कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता मुकेश गुप्ता ने 23 मार्च 2026 को सीबीआई में चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज के खिलाफ शिकायत की। शिकायतकर्ता कश्मीरी गेट बस अड्डे पर पानी की बोतलों का थोक विक्रेता है। वह पटरी/फुटपाथ पर अपना धंधा करता है। उसने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज पानी की बोतलें बेचने की अनुमति देने के बदले में, पानी की बोतलों की प्रत्येक पेटी पर 10 रुपये या मासिक रूप से 33,000 रुपये रिश्वत मांग रहा है।
सीबीआई ने आरोपों का सत्यापन किया, जिसमें यह पता चला है कि सब-इंस्पेक्टर नीरज शिकायतकर्ता को पानी की बोतलें बेचने की अनुमति देने के बदले में, पानी की बोतलों की पेटियों की बिक्री के आधार पर मासिक रूप से रिश्वत की मांग कर रहा है। सीबीआई ने 24 मार्च को सब-इंस्पेक्टर नीरज के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार चरम पर-
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 25 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।
सट्टेबाज से रिश्वत लेते दो हवलदार गिरफ्तार, एसएचओ लाइन हाज़िर
सीबीआई ने 13 मार्च को दिल्ली पुलिस के सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों हवलदारों को सस्पेंड कर दिया गया है। सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया है। सट्टेबाज मूलचंद ने 12 मार्च को सीबीआई को बीट में तैनात पुलिसकर्मियों विजय मलिक, हवलदार राजेश और हवलदार अजय के ख़िलाफ़ रिश्वत मांगने की शिकायत दी।
मूलचंद का आरोप है कि वह अब सट्टेबाजी का धंधा बंद करना चाहता है लेकिन तीनों पुलिसकर्मियों ने उससे कहा कि बीस हज़ार रुपये दिए बिना वह धंधा बंद नहीं कर सकता। रिश्वत दिए बिना सट्टेबाजी बंद की तो उसे फर्जी मामले में फंसा देंगे।
सीबीआई ने 13 मार्च को दोनों हवलदारों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीसरे पुलिसकर्मी विजय मलिक की भूमिका की जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
एएसआई सुंदर पाल सिंह ने शिकायतकर्ता प्रेम सूद से दविंदर सलवान के साथ प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट को कैंसिल करने के उसके मामले को निपटाने और यह पक्का करने के लिए कि दविंदर सलवान उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, 25 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को पश्चिम विहार थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया ।
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